ब्रेकिंग
परिवार में एक सदस्य सरकारी नौकरी में तो दूसरे को नहीं मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति, पटना हाई कोर्ट का अहम फैसलामंत्री दीपक प्रकाश बने MLC,प्रस्ताव पर राज्यपाल ने दी सहमति, उपेंद्र कुशवाहा बोले..यह तो होना ही थाबिहार में गंगा नदी में प्रदूषण पर NGT सख्त, गंदा पानी बहाने वाले शहरों से वसूला जाएगा जुर्मानाबिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल: अस्पताल में इलाज के नाम पर टूटे पैर में बांध दिया कार्टन... VIDEO वायरलकैबिनेट की बैठक में 17 एजेंडों पर लगी मुहर, हर घर तिरंगा अभियान में 6.12 करोड़ रुपये खर्च करेगी बिहार सरकारपरिवार में एक सदस्य सरकारी नौकरी में तो दूसरे को नहीं मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति, पटना हाई कोर्ट का अहम फैसलामंत्री दीपक प्रकाश बने MLC,प्रस्ताव पर राज्यपाल ने दी सहमति, उपेंद्र कुशवाहा बोले..यह तो होना ही थाबिहार में गंगा नदी में प्रदूषण पर NGT सख्त, गंदा पानी बहाने वाले शहरों से वसूला जाएगा जुर्मानाबिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल: अस्पताल में इलाज के नाम पर टूटे पैर में बांध दिया कार्टन... VIDEO वायरलकैबिनेट की बैठक में 17 एजेंडों पर लगी मुहर, हर घर तिरंगा अभियान में 6.12 करोड़ रुपये खर्च करेगी बिहार सरकार

GST 2.0: टैक्स घटा लेकिन दाम नहीं, सरकार ने जारी किए शिकायत नंबर; ऐसे कर सकते है कंप्लेन दर्ज

GST 2.0: सरकार ने GST दरों में कटौती कर दिया है, लेकिन इसका जमीनी हकीकत कुछ और दिख रहा है। दुकानदार घटा नहीं रहे दाम। सरकार ने ओवरचार्जिंग की शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। जानें पूरी जानकारी।

 GST 2.0
दुकानदार घटा नहीं रहे दाम
© GOOGLE
PRIYA DWIVEDI
3 मिनट

GST 2.0: सरकार ने GST 2.0 के तहत एक बड़ा फैसला लेते हुए टैक्स दरों में महत्वपूर्ण कटौती की है, जिससे आम लोगों को राहत देने का प्रयास किया गया है। जीएसटी दरों को पहले जहां चार स्लैब (5%, 12%, 18%, 28%) में बांटा गया था, वहीं अब इसे सिर्फ दो स्लैब (5% और 18%) में सीमित किया गया है। इस फैसले के तहत अधिकांश जरूरी और दैनिक उपयोग की वस्तुएं अब 5% स्लैब में लाई गई हैं, जिससे उनके दामों में उल्लेखनीय गिरावट आई है।


सरकार का दावा है कि इस नई व्यवस्था से 99% से अधिक आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं के दाम घटे हैं, और इससे उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर पड़ेगा। लेकिन जमीनी स्तर पर तस्वीर थोड़ी अलग दिख रही है। कई रिपोर्ट्स और उपभोक्ता फीडबैक में सामने आया है कि खुदरा दुकानदारों और ई-कॉमर्स वेबसाइट्स ने अभी तक इन वस्तुओं के दामों में कटौती नहीं की है, जबकि टैक्स पहले ही कम हो चुका है।


इस अंतर को लेकर लोगों की शिकायतों की बाढ़ आ गई है। उपभोक्ता सवाल उठा रहे हैं कि जब टैक्स दरें कम हो चुकी हैं, तो फिर वही उत्पाद अब भी पुराने रेट पर क्यों बिक रहे हैं? लोगों की बढ़ती नाराज़गी और फीडबैक को देखते हुए सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, ताकि उपभोक्ता सीधे शिकायत दर्ज करा सकें।


उपभोक्ता अगर महसूस करते हैं कि उनसे ओवरचार्ज किया जा रहा है या उन्हें जीएसटी में कटौती का लाभ नहीं मिल रहा, तो टोल-फ्री नंबर 1915, व्हाट्सएप नंबर 8800001915 और ऑनलाइन पोर्टल INGRAM (Integrated Grievance Redressal Mechanism) पर जाकर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।  


साथ ही, केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) और राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (NCH) की निगरानी में ये शिकायतें दर्ज की जाएंगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह मूल्य निर्धारण की निगरानी कर रही है और उपभोक्ताओं को जीएसटी में कटौती का प्रत्यक्ष लाभ मिलना चाहिए। इसके साथ ही सरकार ने कंपनियों और व्यापारियों से अपील की है कि वे तुरंत नई दरों के अनुसार दामों में पारदर्शिता लाएं। कई बड़ी कंपनियों ने स्वेच्छा से दाम घटाने की घोषणा भी कर दी है।


सरकार ने यह भी दोहराया है कि जीएसटी सुधार का असली मकसद उपभोक्ताओं को राहत देना है, न कि व्यापारियों के मुनाफे को बढ़ाना। ऐसे में अगर कोई व्यापारी या प्लेटफॉर्म जीएसटी कटौती के बावजूद पुराने दाम वसूल रहा है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सरकार का यह भी कहना है कि उपभोक्ताओं को सिर्फ शिकायत का हक ही नहीं, बल्कि यह उनका कर्तव्य भी है कि वे ऐसी किसी भी अनियमितता के खिलाफ आवाज उठाएं। टैक्स में दी गई राहत तभी सार्थक होगी जब उसका लाभ अंतिम ग्राहक तक पहुंचे।