सोने और चांदी के दाम में उतार-चढ़ाव: क्या यह गिरावट अस्थायी है या बाजार का नया ट्रेंड?

एक ओर सोने के दाम में मामूली गिरावट आई है, वहीं चांदी के दाम में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिली है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mon, 03 Mar 2025 01:57:40 PM IST

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gold rate - फ़ोटो Social Media

आज यानी सोमवार, 3 मार्च को भारतीय सोने और चांदी के बाजार में एक दिलचस्प बदलाव देखने को मिला है। जहां एक ओर सोने के दाम में मामूली गिरावट आई है, वहीं चांदी के दाम में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिली है। यह बदलाव बाजार में चल रहे दबाव और वैश्विक आर्थिक संकेतों का परिणाम हो सकता है, जो निवेशकों के निर्णयों को प्रभावित कर रहे हैं। आइए, इस परिवर्तन को और गहरे नजरिए से समझते हैं।

इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार, आज 3 मार्च को 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 36 रुपए कम होकर 85,020 रुपए पर आ गया है। इस गिरावट के साथ ही पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन (शुक्रवार, 28 फरवरी) पर सोना 85,056 रुपए प्रति 10 ग्राम के आसपास था।

सोने की कीमत में गिरावट का यह सिलसिला एक ऐसे समय में आया है जब कुछ दिन पहले ही, 19 फरवरी को, सोने ने ₹86,733 का ऑलटाइम हाई देखा था। तब से लेकर अब तक सोने की कीमत में 1,713 रुपए की गिरावट आ चुकी है। यह गिरावट शायद वैश्विक वित्तीय बाजारों में आ रही अस्थिरता, डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया की स्थिति, और निवेशकों की प्राथमिकताओं में बदलाव का नतीजा हो सकती है।

वहीं, चांदी के दाम में आज हल्की बढ़ोतरी हुई है। एक किलो चांदी की कीमत 173 रुपए बढ़कर 93,653 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई है, जबकि शुक्रवार को चांदी का भाव 93,480 रुपए प्रति किलो था। चांदी के दाम में यह बदलाव, वैश्विक और घरेलू निवेश प्रवृत्तियों को दर्शाता है। चांदी ने 23 अक्टूबर 2024 को ₹99,151 प्रति किलो के ऑलटाइम हाई को छुआ था, लेकिन तब से अब तक इसमें ₹5,498 की कमी आई है।

विश्लेषक मानते हैं कि चांदी का बाजार सोने के मुकाबले थोड़े अधिक उतार-चढ़ाव वाला होता है, और इसकी कीमतें अक्सर आर्थिक स्थितियों, उद्योगों में उपयोग और निवेशक भावनाओं के आधार पर बदलती रहती हैं। चांदी का उपयोग इलेक्ट्रॉनिक्स, ज्वेलरी और अन्य उद्योगों में बड़े पैमाने पर होता है, और इस कारण इसकी कीमत में उतार-चढ़ाव भी अधिक देखने को मिलता है।