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PF से बार-बार निकासी पर बड़ा खतरा: एक्सपर्ट्स की चेतावनी, रिटायरमेंट फंड हो सकता है खाली

EPFO 3.0 के नए नियमों ने PF निकालना आसान जरूर बना दिया है, लेकिन एक्सपर्ट्स इसे भविष्य के लिए खतरे की घंटी बता रहे हैं। बार-बार पैसा निकालना आपकी रिटायरमेंट सेविंग पर बड़ा असर डाल सकता है। कैसे? जानिए आगे…

PF से बार-बार निकासी पर बड़ा खतरा: एक्सपर्ट्स की चेतावनी, रिटायरमेंट फंड हो सकता है खाली
Ramakant kumar
4 मिनट

EPFO 3.0 PF Withdrawal Rules: EPFO के नए 3.0 नियमों ने कर्मचारियों के लिए पीएफ (Provident Fund) से पैसा निकालना पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा आसान और तेज बना दिया है। जहां एक तरफ यह बदलाव लोगों को जरूरत के समय राहत दे रहा है, वहीं दूसरी ओर विशेषज्ञ इसे भविष्य के लिए एक बड़ा खतरा भी मान रहे हैं।


नए नियमों के तहत अब पीएफ से पैसे निकालने की प्रक्रिया को बेहद सरल कर दिया गया है। पहले जहां अलग-अलग कारणों के लिए 13 कैटेगरी थीं, अब उन्हें घटाकर सिर्फ तीन कर दिया गया है—जरूरी जरूरतें (Essential Needs), हाउसिंग (Housing) और खास परिस्थितियां (Special Circumstances)। इससे लोगों को कागजी प्रक्रिया में कम समय और मेहनत लग रही है।


सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब सिर्फ 12 महीने की नौकरी के बाद भी आप अपने पीएफ खाते से पैसा निकाल सकते हैं, जबकि पहले इसके लिए 5 से 7 साल तक इंतजार करना पड़ता था। यही नहीं, ‘Special Circumstances’ कैटेगरी के तहत अब साल में दो बार बिना कोई कारण बताए अपने खाते से 100% तक राशि निकालने की सुविधा दी गई है। यानी पीएफ अब एक तरह से इमरजेंसी फंड या सेविंग अकाउंट जैसा इस्तेमाल होने लगा है।


शिक्षा, शादी और बेरोजगारी जैसी जरूरतों के लिए भी नियमों को काफी लचीला बना दिया गया है। बच्चों की पढ़ाई के लिए करियर के दौरान 10 बार और शादी के लिए 5 बार तक निकासी की अनुमति है। बेरोजगारी की स्थिति में पहले महीने में ही 75% तक राशि निकाली जा सकती है, जबकि बाकी 25% एक साल बाद मिलती है। इसमें अब कंपनी का योगदान और ब्याज भी शामिल होगा।


घर खरीदने या लोन चुकाने के लिए भी राहत दी गई है। सिर्फ 3 साल की नौकरी के बाद कर्मचारी अपने पीएफ बैलेंस का 90% तक निकाल सकते हैं, जो पहले के मुकाबले काफी आसान और फायदेमंद माना जा रहा है।


लेकिन इन सभी सुविधाओं के बीच विशेषज्ञ लगातार चेतावनी भी दे रहे हैं। उनका कहना है कि बार-बार पीएफ से पैसा निकालना लंबे समय में नुकसानदायक साबित हो सकता है। पीएफ पर फिलहाल करीब 8.25% का ब्याज मिलता है, जो सुरक्षित निवेश के लिहाज से काफी अच्छा माना जाता है। जब आप बार-बार पैसा निकालते हैं, तो कंपाउंडिंग यानी ब्याज पर ब्याज का फायदा खत्म हो जाता है।


सीए नितिन कौशिक के अनुसार, भले ही अब पीएफ निकालना आसान हो गया है, लेकिन इसे आदत बना लेना भविष्य के लिए खतरनाक हो सकता है। रिटायरमेंट के समय जो बड़ी रकम मिलनी चाहिए, वह काफी कम हो सकती है।


हालांकि EPFO ने 25% रिटेंशन रूल लागू रखा है, ताकि लोग पूरा पैसा निकालकर अपना फंड खाली न कर दें और बुढ़ापे के लिए कुछ बचत बनी रहे।


ऐसे में विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि पीएफ को केवल बेहद जरूरी परिस्थितियों में ही इस्तेमाल करें। इसे रोजमर्रा के खर्च या छोटी जरूरतों के लिए इस्तेमाल करने से बचना ही बेहतर है, ताकि रिटायरमेंट के समय आर्थिक सुरक्षा बनी रहे।