1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 03, 2025, 9:31:20 PM
Paytm ED - फ़ोटो Social Media
पेटीएम की पेरेंट कंपनी वन 97 कम्युनिकेशन लिमिटेड (OCL) और उसकी सब्सिडियरीज को कारण बताओ नोटिस मिलने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को बयान जारी किया। ईडी ने आरोप लगाया कि OCL ने सिंगापुर में किए गए विदेशी निवेश (फॉरेन इन्वेस्टमेंट) की जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को नहीं दी।
ईडी के अनुसार, OCL ने फॉरेन स्टेप-डाउन सब्सिडियरी बनाने की रिपोर्ट भी RBI को नहीं सौंपी, जो नियमों का उल्लंघन है। इसके अलावा, OCL की सहायक कंपनी लिटिल इंटरनेट प्राइवेट लिमिटेड ने भी RBI की गाइडलाइंस का पालन किए बिना विदेशी निवेश हासिल किया।
जांच में यह भी पाया गया कि सब्सिडियरी कंपनी नियरबाय इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को मिले विदेशी निवेश की रिपोर्ट RBI को निर्धारित समय सीमा के अंदर नहीं दी गई।
इस मामले में RBI और अन्य नियामक संस्थाएं OCL से सफाई मांग सकती हैं। यदि नियमों का उल्लंघन साबित होता है, तो कंपनी पर आर्थिक दंड या अन्य सख्त कार्रवाई हो सकती है।
पेटीएम पहले से ही RBI की सख्ती का सामना कर रही है और अब ईडी की जांच से उसकी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।