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Bihar Sand Mining: बिहार में बालू कारोबार के नियम सख्त, तय सीमा से ज्यादा खनन पर देना होगा अतिरिक्त शुल्क

Bihar Sand Mining: बिहार में बालू खनन से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है, जिससे घाट संचालकों की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। नई खनिज बंदोबस्ती नियमावली लागू होने के बाद अब तय सीमा से अधिक खनन पर अतिरिक्त शुल्क देना होगा। सरकार का मानना है कि इस

Bihar Sand Mining: बिहार में बालू कारोबार के नियम सख्त, तय सीमा से ज्यादा खनन पर देना होगा अतिरिक्त शुल्क
Ramakant kumar
3 मिनट

Bihar Sand Mining: बिहार में बालू खनन को लेकर सरकार ने नई व्यवस्था लागू कर दी है. नई खनिज बंदोबस्ती नियमावली 2026 के लागू होने के बाद अब बालू घाट संचालकों की जवाबदेही बढ़ने वाली है. नई व्यवस्था के तहत तय सीमा से अधिक बालू निकालने पर संचालकों को अतिरिक्त स्वामित्व शुल्क देना होगा.


सरकार का मानना है कि इस कदम से बालू खनन में पारदर्शिता बढ़ेगी, राजस्व संग्रह में इजाफा होगा और वास्तविक उत्पादन के आधार पर सरकार को उचित आय प्राप्त होगी. नई नियमावली लागू होने के साथ ही खान एवं भू-तत्व विभाग ने इसकी प्रक्रिया भी शुरू कर दी है.


नई व्यवस्था के अनुसार बालू घाटों से पूरे वर्ष में निकाले गए बालू की गणना की जाएगी. यदि जांच में यह पाया जाता है कि बंदोबस्ती के समय तय की गई मात्रा से अधिक बालू का खनन किया गया है, तो संबंधित संचालक को अतिरिक्त स्वामित्व राशि जमा करनी होगी. यानी अब केवल बंदोबस्ती राशि देकर काम नहीं चलेगा, बल्कि वास्तविक खनन का भी हिसाब देना होगा.


खान एवं भू-तत्व विभाग ने इस संबंध में सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं. विभाग ने कहा है कि सभी जिलों में बालू घाटों के उत्पादन का आकलन कर अतिरिक्त स्वामित्व राशि की गणना सुनिश्चित की जाए. जहां तय सीमा से अधिक खनन की पुष्टि होगी, वहां संबंधित संचालकों से अतिरिक्त राशि वसूली जाएगी.


विभाग की ओर से जारी निर्देश में यह भी बताया गया है कि नई नियमावली में बालू घाटों के संचालन, राजस्व निर्धारण और स्वामित्व भुगतान से जुड़े कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं. इसके अलावा प्रत्यर्पित बालू घाटों के लिए सुरक्षित जमा राशि निर्धारित करने और स्वामित्व दरों में संशोधन का भी प्रावधान किया गया है.


सरकार का कहना है कि लंबे समय से बालू खनन क्षेत्र में अधिक पारदर्शिता और बेहतर निगरानी की जरूरत महसूस की जा रही थी. नई व्यवस्था से खनन गतिविधियों पर नियंत्रण मजबूत होगा और राजस्व की संभावित हानि को रोका जा सकेगा.


खान एवं भू-तत्व विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि अपने-अपने जिलों में अतिरिक्त स्वामित्व राशि की गणना जल्द पूरी कराएं. जिन मामलों में अतिरिक्त शुल्क देय होगा, वहां संबंधित राशि को निर्धारित खनन मद के तहत जमा कराया जाएगा.


विभागीय मुख्यालय स्तर पर भी इस पूरी प्रक्रिया की नियमित निगरानी की जाएगी. अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि नियमों के पालन में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए. नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब बालू घाट संचालकों को उत्पादन और राजस्व दोनों का पूरा हिसाब रखना होगा.