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किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी... बिहार में 86 तरह के कृषि यंत्रों पर मिल रही 80% तक सब्सिडी, फटाफट ऐसे करें आवेदन

Bihar Farmer Scheme: बिहार के किसानों के लिए कृषि यंत्र खरीदने पर सरकारी अनुदान पाने का मौका है। कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत 86 प्रकार की मशीनों पर 40 से 80 प्रतिशत तक सब्सिडी देने का लक्ष्य रखा गया है। आवेदन करने से पहले जान लें अंतिम तारीख..

किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी... बिहार में 86 तरह के कृषि यंत्रों पर मिल रही 80% तक सब्सिडी, फटाफट ऐसे करें आवेदन
Ramakant kumar
5 मिनट

Bihar Krishi Yantrikaran Yojana: बिहार के कैमूर जिले में किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र खरीदने पर 40 से 80 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा. कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत इस साल जिले में 7.73 करोड़ रुपये अनुदान देने का लक्ष्य रखा गया है. योजना के तहत खेत की जुताई से लेकर बुआई, कटाई और फसल की ढुलाई तक में इस्तेमाल होने वाले 86 प्रकार के कृषि यंत्रों पर सब्सिडी दी जाएगी. इच्छुक किसान 31 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.


खेती में मशीनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने और किसानों की लागत कम करने के उद्देश्य से कृषि विभाग ने योजना के तहत आवेदन लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. अब तक जिले के 2,463 किसान इसके लिए आवेदन कर चुके हैं. विभाग के अनुसार, योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को बिहार कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा. आधार आधारित सत्यापन पूरा होने के बाद कृषि यंत्रीकरण योजना के पोर्टल पर आवेदन किया जा सकेगा.


जुताई से कटाई तक के कृषि यंत्रों पर मिलेगा अनुदान

कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत किसानों को खेत की जुताई, बुआई, निकाई-गुड़ाई, सिंचाई, कटाई और फसल की ढुलाई में इस्तेमाल होने वाले कृषि यंत्रों की खरीद पर अनुदान दिया जाएगा. इसके अलावा उद्यान से जुड़े कृषि उपकरणों पर भी योजना के तहत लाभ मिलेगा.


अनुदान की दर कृषि यंत्र के प्रकार और निर्धारित श्रेणी के अनुसार तय होगी. किसानों को योजना का लाभ लेने के लिए कृषि विभाग की ओर से सूचीबद्ध विक्रेताओं से ही यंत्र खरीदने होंगे. इससे खेती के काम में समय और श्रम की बचत होगी और किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाने में मदद मिलेगी.


लॉटरी से होगा किसानों का चयन

योजना के तहत प्राप्त ऑनलाइन आवेदनों के आधार पर किसानों का चयन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा. लॉटरी की तिथि पर ही चयनित किसानों को स्वीकृति पत्र जारी किया जाएगा. इस स्वीकृति पत्र की वैधता 15 दिनों की होगी. निर्धारित अवधि में कृषि यंत्र की खरीद नहीं करने पर स्वीकृति पत्र स्वतः रद्द हो जाएगा.


कृषि यंत्र खरीदने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अनुदान की राशि डीबीटी के माध्यम से लाभार्थी किसान के बैंक खाते में भेजी जाएगी. इसलिए आवेदन करने वाले किसानों को निर्धारित नियमों और समयसीमा का ध्यान रखना होगा.


कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत कैमूर जिले में 10 कृषि ड्रोन उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसके साथ ही 32 स्पेशल कस्टम हायरिंग सेंटर, छह कस्टम हायरिंग सेंटर और एक कृषि यंत्र बैंक स्थापित करने की योजना है. जिले में अनुदानित दर पर कुल 1,151 कृषि यंत्र उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है.


इन केंद्रों के माध्यम से किसान जरूरत के अनुसार किराये पर आधुनिक कृषि उपकरण प्राप्त कर सकेंगे. इससे खासकर छोटे और सीमांत किसानों को फायदा मिलने की उम्मीद है, जिन्हें महंगे कृषि यंत्र खरीदने में परेशानी होती है.


कैमूर जिले के सभी 11 प्रखंडों से किसानों ने कृषि यंत्रीकरण योजना के लिए आवेदन किया है. प्रखंडवार आंकड़ों के अनुसार, मोहनिया में सबसे अधिक 477 आवेदन मिले हैं. वहीं भभुआ में 383, चांद में 355 और नुआंव में 323 किसानों ने आवेदन किया है.


रामगढ़ में 251, कुदरा में 189, दुर्गावती में 178 और चैनपुर में 145 आवेदन प्राप्त हुए हैं. भगवानपुर और रामपुर में 76-76 किसानों ने आवेदन किया है, जबकि अधौरा प्रखंड से 10 आवेदन मिले हैं.


योजना के तहत कृषि यंत्र बैंक स्थापित करने के लिए आठ लाख रुपये तक अनुदान देने का प्रावधान है. कृषि यंत्र बैंक और कस्टम हायरिंग सेंटर के माध्यम से किसान अपनी जरूरत के अनुसार मशीनें किराये पर ले सकेंगे. इससे उन किसानों को भी आधुनिक कृषि उपकरणों का इस्तेमाल करने का मौका मिलेगा, जो अधिक कीमत होने के कारण इन्हें खरीद नहीं पाते हैं.


उप निदेशक, कृषि अभियंत्रण अकरम अंसारी ने बताया कि कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत किसानों को अनुदान पर आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जाएंगे. उन्होंने किसानों से 31 अक्टूबर तक निर्धारित पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की है.