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विदेश में साइबर गुलामी का शिकार बने 1600 बिहारी युवा, वीजा समाप्त होने के बाद भी नहीं लौटे देश; EOU की जांच के घेरे में 39 ट्रैवल एजेंसियां

Bihar News: विदेश में साइबर ठगी और गुलामी के जाल में फंसकर बिहार के करीब 1600 युवा अब तक वापस नहीं लौटे हैं। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इन्हें बंधक बनाकर साइबर क्राइम में मजबूर किया जा रहा है, जबकि कई ट्रैवल एजेंसियां जांच के घेरे में हैं।

Bihar News
प्रतिकात्मक तस्वीर
© AI
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar News: विदेश में ऊंचे वेतन वाली नौकरी का सपना देखकर दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों की ओर गए बिहार के करीब 1600 नागरिक अब तक अपने घर नहीं लौटे हैं। इन सभी के वीजा समाप्त हो चुके हैं, लेकिन उनके वापस न आने से केंद्र और राज्य सरकारें चिंतित हैं।


केंद्र सरकार के ‘इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर’ (I4C) से मिले इनपुट के बाद बिहार की जांच एजेंसियां, खासकर आर्थिक अपराध इकाई (EOU), सक्रिय हो गई हैं। आशंका जताई जा रही है कि इन लोगों को बंधक बनाकर साइबर गुलामी में फंसाया गया है। जांच एजेंसियों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय साइबर माफिया फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऊंचे वेतन का लालच देकर विज्ञापन चलाते हैं। बेरोजगार युवा इन विज्ञापनों के झांसे में आकर दलालों के संपर्क में आते हैं।


इसके बाद उन्हें टूर एंड ट्रैवल एजेंसियों के जरिए थाईलैंड, वियतनाम, कंबोडिया, लाओस और म्यांमार जैसे देशों में भेजा जाता है। विदेश पहुंचते ही उनके पासपोर्ट जब्त कर लिए जाते हैं और उन्हें साइबर ठगी के कॉल सेंटरों में काम करने के लिए मजबूर किया जाता है। इन युवाओं से उनकी ही भाषा में बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के लोगों को निशाना बनाकर ठगी करवाई जाती है।


पुलिस मुख्यालय के अनुसार, इन 1600 लापता नागरिकों में सबसे अधिक युवा गोपालगंज, सीवान, मोतिहारी, बगहा, बेतिया, गया और दरभंगा जिलों से हैं। प्रशासन अब इन सभी के पते पर जाकर परिजनों से संपर्क कर भौतिक सत्यापन कर रहा है, ताकि वास्तविक स्थिति की पुष्टि की जा सके। हाल ही में करीब 60 नागरिकों को साइबर ठगी के चंगुल से मुक्त कराकर भारत वापस लाया गया था।


इस अंतरराष्ट्रीय रैकेट में शामिल होने के शक में जांच एजेंसियों ने 39 टूर एंड ट्रैवल एजेंसियों को चिह्नित किया है, जो दिल्ली, एनसीआर और बिहार में सक्रिय हैं। जल्द ही इन एजेंसियों के संचालकों से पूछताछ की जाएगी और उनके खिलाफ मानव तस्करी व धोखाधड़ी के गंभीर मामलों में एफआईआर दर्ज की जा सकती है। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।

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FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता