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Bihar Bridge News : अब मिलेगी राहत! विक्रमशिला सेतु पर तैयार हुआ पहला बेली ब्रिज, जल्द शुरू होगा आवागमन

भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पर राहत भरी खबर सामने आई है। क्षतिग्रस्त हिस्से पर बन रहा पहला बेली ब्रिज लगभग तैयार हो चुका है। तकनीकी जांच के बाद जल्द यातायात शुरू होने की उम्मीद है।

Bihar Bridge News : अब मिलेगी राहत! विक्रमशिला सेतु पर तैयार हुआ पहला बेली ब्रिज, जल्द शुरू होगा आवागमन
Tejpratap
Tejpratap
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Bihar Bridge News : भागलपुर और नवगछिया के बीच गंगा नदी पर बने ऐतिहासिक विक्रमशिला सेतु को लेकर लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से क्षतिग्रस्त हिस्से और बाधित यातायात से परेशान लोगों को अब जल्द राहत मिलने की उम्मीद दिखाई दे रही है। पुल के टूटे हिस्से पर बनाया जा रहा पहला बेली ब्रिज लगभग तैयार हो चुका है और शनिवार तक इसका निर्माण कार्य पूरी तरह समाप्त होने की संभावना जताई जा रही है। इसके बाद तकनीकी परीक्षण कर इसे चालू करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।


पिछले कई दिनों से पुल पर मरम्मत का काम लगातार युद्धस्तर पर चल रहा था। निर्माण एजेंसियों की टीम दिन-रात मौके पर डटी रही। शुक्रवार देर रात तक मजदूरों और इंजीनियरों ने रैंप तैयार करने, स्टील प्लेट जोड़ने और फिटिंग का काम तेजी से पूरा किया। अब अंतिम चरण में तकनीकी जांच और संरचनात्मक परीक्षण किए जाएंगे, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि बेली ब्रिज पूरी तरह सुरक्षित है और उस पर वाहनों का दबाव आसानी से झेला जा सकता है।


अधिकारियों के मुताबिक, पहले बेली ब्रिज के तैयार होने के बाद यातायात बहाल करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जाएगा। हालांकि प्रशासन ने साफ किया है कि बिना तकनीकी मंजूरी के पुल पर वाहनों की आवाजाही शुरू नहीं की जाएगी। विशेषज्ञों की रिपोर्ट और अंतिम सुरक्षा परीक्षण के बाद ही आम लोगों के लिए पुल खोला जाएगा।


इधर, नवगछिया की ओर स्थित पी-4 पिलर के पास दूसरे बेली ब्रिज के निर्माण की भी तैयारी पूरी कर ली गई है। रविवार से दूसरे बेली ब्रिज पर काम शुरू होने की संभावना है। इसके लिए जरूरी स्टील स्ट्रक्चर, मशीनें और अन्य निर्माण सामग्री पहले ही साइट पर पहुंचा दी गई हैं। अधिकारियों का मानना है कि दोनों बेली ब्रिज तैयार होने के बाद पुल पर यातायात व्यवस्था काफी हद तक सामान्य हो जाएगी।


इस पूरे प्रोजेक्ट में आईआईटी पटना की विशेषज्ञ टीम महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। टीम लगातार पुल की मजबूती और संरचनात्मक स्थिति का गहन अध्ययन कर रही है। आधुनिक उपकरणों की मदद से पुल के कंपन, दरारों और भार क्षमता की जांच की जा रही है। खासकर नवगछिया की ओर के हिस्से पर विशेष नजर रखी जा रही है, क्योंकि वहीं सबसे ज्यादा क्षति दर्ज की गई थी।


तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि पुल की सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय होगा कि स्थायी मरम्मत कैसे की जाएगी और भविष्य में यातायात को किस प्रकार संचालित किया जाएगा। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता जल्द से जल्द सुरक्षित तरीके से आवाजाही शुरू कराना है, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।


विक्रमशिला सेतु पर लंबे समय से यातायात प्रभावित रहने का असर सीधे आम जनजीवन और व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ा है। भागलपुर, नवगछिया और आसपास के जिलों के हजारों लोगों को रोजाना लंबा वैकल्पिक रास्ता तय करना पड़ रहा था। व्यापारियों को सामान ढुलाई में अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा था, जबकि यात्रियों को घंटों जाम और परेशानी झेलनी पड़ रही थी।


अब पहले बेली ब्रिज के लगभग तैयार होने से स्थानीय लोगों की उम्मीदें फिर बढ़ गई हैं। लोगों का मानना है कि अगर जल्द आवाजाही शुरू हो जाती है तो व्यापार, परिवहन और दैनिक जीवन काफी हद तक सामान्य हो जाएगा। प्रशासन भी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और निर्माण कार्य में तेजी लाने का प्रयास कर रहा है। आने वाले कुछ दिनों में तकनीकी परीक्षण पूरा होने के बाद विक्रमशिला सेतु पर राहत की तस्वीर साफ हो सकती है।