Bihar News: बिहार के आंगनबाड़ी केंद्रों की अलग ही कहानी है। छोटे-छोटे बच्चों को शिक्षा देने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों को स्थापित किया गया था लेकिन विभाग की लापरवाही के कारण यह सिर्फ दिखावे की वस्तू बनकर रह गए हैं। शिक्षा की कौन कहे यहां तो बच्चों से झाड़ू भी लगवाया जाता है।
दरअसल, कटिहार जिले के आजमनगर प्रखंड क्षेत्र के पिंढाल पंचायत अंतर्गत ढोलमारा गांव में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 094 में बच्चों से झाड़ू लगवाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है।
वायरल वीडियो में साफ तौर पर दिख रहा है कि छोटे-छोटे बच्चे आंगनबाड़ी केंद्र में झाड़ू लगा रहे हैं और चटाई बिछा रहा हैं। ये वही बच्चे हैं, जिन्हें शिक्षा और पोषण प्रदान करने के उद्देश्य से आंगनबाड़ी केंद्र में भेजा जाता है। लेकिन यहां उन्हें पढ़ाई के बजाय झाड़ू लगाने में लगा दिया गया। वीडियो के सामने आने के बाद लोगों ने आंगनबाड़ी कर्मियों की लापरवाही पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।
गांव के कुछ जागरूक लोगों ने इस घटना पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि सरकार की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों में छोटे बच्चों के लिए उचित शिक्षा और भोजन की व्यवस्था की जाती है, लेकिन यहां बच्चों से सफाई करवाई जा रही है। कुछ लोगों ने इस मामले में उच्च अधिकारियों से कार्रवाई की मांग भी की है।
यह कोई पहली बार नहीं है जब आंगनबाड़ी केंद्रों में ऐसी लापरवाही सामने आई हो। इससे पहले भी कई जिलों में आंगनबाड़ी केंद्रों की अव्यवस्था और अनियमितता की खबरें आती रही हैं। बच्चों को पौष्टिक आहार न मिलने, समय पर टीचर के उपस्थित न रहने जैसी शिकायतें आम हैं।
सरकार द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों को शिक्षा और पोषण देने की व्यवस्था की गई है, लेकिन इस तरह की घटनाएं इन योजनाओं की जमीनी हकीकत को उजागर करती हैं। यह सवाल खड़ा होता है कि क्या संबंधित अधिकारियों द्वारा नियमित निगरानी की जाती है या फिर इन केंद्रों को मनमाने तरीके से चलने दिया जाता है?
बच्चों का बचपन खेलने और सीखने का समय होता है, लेकिन जब उन्हें पढ़ाई के बजाय झाड़ू लगाने पर मजबूर किया जाता है, तो यह चिंता का विषय बन जाता है। प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कदम उठाने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।





