Bihar News: बिहार के वैशाली जिले के करताहां थाना परिसर में प्रेमी-प्रेमिका की शादी कराए जाने का मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। थाना परिसर में संपन्न हुई इस शादी को लेकर लोग अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई जानकारों और कानून विशेषज्ञों ने इसे कानूनी प्रक्रिया के विरुद्ध बताया है।
मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार को मुजफ्फरपुर जिले के बहिलबारा गांव की एक युवती करताहां थाना पहुंची। युवती ने थानाध्यक्ष को बताया कि उसका थाना क्षेत्र के कंचनपुर धनुषी निवासी चंदेश्वर साह के पुत्र छोटू कुमार के साथ प्रेम संबंध है। इसके बाद पुलिस ने युवक छोटू कुमार को थाना बुलाया।
बताया जा रहा है कि थानाध्यक्ष ने दोनों पक्षों के परिजनों से बातचीत की। दोनों ओर से सहमति मिलने के बाद थाना परिसर में ही शादी की प्रक्रिया पूरी कराई गई। हालांकि, युवती के परिजन मौके पर मौजूद नहीं थे। थाना परिसर में पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों की मौजूदगी में युवक ने युवती की मांग में सिंदूर भरकर उसे अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया। घटना की खबर फैलते ही थाना परिसर में युवक के परिचितों और स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। देखते ही देखते यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया।
इधर, अधिवक्ता संतोष कुमार ने इस पूरे मामले पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय कानून के तहत पुलिस को थाना परिसर में किसी प्रेमी-प्रेमिका की शादी कराने का अधिकार नहीं है। पुलिस का काम कानून-व्यवस्था बनाए रखना और लोगों को सुरक्षा देना है, न कि विवाह संपन्न कराना।
उन्होंने कहा कि यदि बालिग युवक-युवती अपनी इच्छा से साथ रहना चाहते हैं और उन्हें सुरक्षा की जरूरत है, तो पुलिस उन्हें सुरक्षा प्रदान कर सकती है। लेकिन थाना परिसर को “मैरिज ब्यूरो” की तरह इस्तेमाल करना कानून और सेवा नियमों के विरुद्ध माना जा सकता है। अधिवक्ता ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।



