ब्रेकिंग
NEET से BPSC तक ‘सेटिंग’ का मास्टरमाइंड! BARC कर्मी रौशन के 25 लाख वाले खेल का खुलासाBihar News : 38 लाख वेतन... फिर करोड़ों की संपत्ति! बिहार के DPO के घर EOU पहुंची तो जमीन-मकान और गहनों की खुली परतेंBihar weather : बिहार में फिर बदलेगा मौसम! पटना समेत 19 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, जानें आपके जिले में कैसा रहेगा मौसमपटना में डेंगू का खतरा बढ़ा: अगस्त के पहले सप्ताह में ही मिले 19 नए मरीज, स्वास्थ्य विभाग अलर्टBJP विधायक की हत्या की साजिश! जेल अधीक्षक समेत चार के खिलाफ FIR दर्ज; गुमनाम पत्र ने खोला राजNEET से BPSC तक ‘सेटिंग’ का मास्टरमाइंड! BARC कर्मी रौशन के 25 लाख वाले खेल का खुलासाBihar News : 38 लाख वेतन... फिर करोड़ों की संपत्ति! बिहार के DPO के घर EOU पहुंची तो जमीन-मकान और गहनों की खुली परतेंBihar weather : बिहार में फिर बदलेगा मौसम! पटना समेत 19 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, जानें आपके जिले में कैसा रहेगा मौसमपटना में डेंगू का खतरा बढ़ा: अगस्त के पहले सप्ताह में ही मिले 19 नए मरीज, स्वास्थ्य विभाग अलर्टBJP विधायक की हत्या की साजिश! जेल अधीक्षक समेत चार के खिलाफ FIR दर्ज; गुमनाम पत्र ने खोला राज

घूसखोरी मामले में पूर्व महिला दारोगा पूनम कुमारी दोषी करार, कोर्ट ने सुनाई 3 साल की सजा

वैशाली के हाजीपुर टाउन थाना की पूर्व महिला दारोगा पूनम कुमारी को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े जाने के मामले में निगरानी की विशेष अदालत ने 3 साल की जेल और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

बिहार न्यूज
10 हजार रुपये घूस लेना पड़ा महंगा
© AI-generated image
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

HAJIPUR: बिहार के वैशाली जिले के हाजीपुर टाउन थाना में तैनात रही पूर्व महिला सब-इंस्पेक्टर पूनम कुमारी को घूसखोरी मामले में निगरानी की विशेष अदालत ने 3 साल की सजा सुनाई है। अदालत ने उन्हें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दोषी ठहराते हुए 3 साल कारावास के साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने की स्थिति में उन्हें अतिरिक्त अवधि तक जेल में रहना होगा।


10 हजार रुपये घूस लेना एक महिला दारोगा को काफी महंगा पड़ गया। घूसखोरी का यह मामला वर्ष 2024 का है। उस समय पूनम कुमारी हाजीपुर टाउन थाना में सब-इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत थीं। 14 नवंबर 2024 को निगरानी विभाग की टीम ने उन्हें हाजीपुर स्थित उनके आवास से 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।


पूनम कुमारी पर आरोप था कि उन्होंने एक बस सेवा के प्रबंधक की जब्त बस को छोड़ने के लिए जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) को अनुशंसा भेजने के बदले रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) और निगरानी विभाग की टीम ने जाल बिछाकर कार्रवाई की थी।


निगरानी टीम ने योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी कर पूनम कुमारी को शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया था। उस समय इस गिरफ्तारी ने पुलिस महकमे में हलचल मचा दी थी। छापेमारी के दौरान टीम ने रिश्वत के रंग लगे नोट भी बरामद किए थे।


गिरफ्तारी के बाद स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने मामले की गहन जांच की और पर्याप्त साक्ष्यों के साथ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। लंबी सुनवाई के दौरान गवाहों के बयान और निगरानी टीम द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने पूनम कुमारी को दोषी करार दिया। फैसला सुनाते हुए अदालत ने कहा कि जनता की सुरक्षा और न्याय की जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारियों का भ्रष्ट आचरण किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।