महुआ में पशुपति पारस का छलका दर्द, कहा..दलित की पार्टी समझ NDA ने एक टिकट भी नहीं दिया, हमारे साथ किया विश्वासघात

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से मुलाकात के बाद पशुपति पारस राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल होने के लिए महुआ पहुंचे थे जहां उनका दर्द छलक पड़ा। कहा..दलित समझ एनडीए ने लोकसभा चुनाव में एक भी टिकट नहीं दिया।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jan 19, 2025, 5:16:06 PM

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पारस का छलका दर्द - फ़ोटो GOOGLE

VAISHALI: वैशाली के  महुआ में कार्यकर्ता सम्मेलन में पहुंचे पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस का दर्द अचानक छलक पड़ा। पशुपति कुमार पारस की पार्टी राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी एनडीए से अलग हो गई है और लगातार लालू परिवार से पशुपति कुमार पारस की नजदीकियां बढ़ती जा रही है। लालू परिवार से मुलाकात करने के बाद रविवार को कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल होने वैशाली जिले के महुआ पहुंचे थे जहां पर मीडिया से बात करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस का दर्द छलक पड़ा।


पशुपति कुमार पारस ने कहा कि लोकसभा चुनाव के समय दलित की पार्टी समझकर राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी को एक भी टिकट नहीं दिया गया। हम तब भी एनडीए के साथ खड़े रहे लेकिन NDA ने हमारे साथ विश्वासघात किया। बता दें कि पशुपति पारस के पुत्र यश कुमार पासवान की भी अब राजनीतिक एंट्री हो गई है। पशुपति पारस अपने पुत्र यश पासवान के साथ कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल होने महुआ पहुंचे थे जहां यश कुमार पासवान एवं प्रिंस राज ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। 


पशुपति पारस ने कहा है कि हमारी पार्टी कि गठबंधन के साथ अपना गठबंधन करेगी यह बात हम अप्रैल महीने में बताएंगे। हम गठबंधन के साथ ही चुनाव लड़ेंगे लेकिन इस बात की जानकारी हम अप्रैल महीने में राष्ट्रीय बोर्ड की बैठक के बाद घोषणा करेंगे। लालू प्रसाद के परिवार से मुलाकात करने के सवाल पर पशुपति कुमार पारस ने कहा कि राज की बात है और इसे हर जगह नहीं कहा जा सकता है। राज की बात राज रहने दीजिए।


लेकिन राजनीतिक गलियां में चर्चा है की पशुपति कुमार पारस और लालू परिवार के बीच लगभग सब कुछ फाइनल हो गया है। और सिर्फ घोषणा ही बचा हुआ है। प्रिंस पासवान ने कहा समय आने पर घोषणा कर देंगे। अभी कुछ भी हम नहीं बताएंगे। हमारे परिवार का लालू जी की फैमिली से पारिवारिक संबंध रहा है। हम लोगों के बीच बातचीत होती रहती है इसमें कोई बड़ी बात नहीं है।