ब्रेकिंग
तमिलनाडु में सरकार गठन पर फिर फंसा पेंच: विजय के शपथ पर ग्रहण, VCK ने रख दी बड़ी शर्त; स्टालिन के साथ IUMLबिहार में डबल मर्डर से हड़कंप: एक ही घर के दो कमरों से देवरानी-जेठानी के शव बरामद, ससुरालवाले फरारअब किसे शाहजादा और युवराज बतायेंगे पीएम मोदी! तेजस्वी यादव ने सम्राट कैबिनेट के 17 मंत्रियों की लिस्ट जारी कर परिवारवादी बतायापश्चिम बंगाल में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह कल, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी होंगे शामिलकौन हैं शुभेंदु अधिकारी जो बनने जा रहे हैं बंगाल के नए सीएम: जानिए उनका पूरा सियासी सफरतमिलनाडु में सरकार गठन पर फिर फंसा पेंच: विजय के शपथ पर ग्रहण, VCK ने रख दी बड़ी शर्त; स्टालिन के साथ IUMLबिहार में डबल मर्डर से हड़कंप: एक ही घर के दो कमरों से देवरानी-जेठानी के शव बरामद, ससुरालवाले फरारअब किसे शाहजादा और युवराज बतायेंगे पीएम मोदी! तेजस्वी यादव ने सम्राट कैबिनेट के 17 मंत्रियों की लिस्ट जारी कर परिवारवादी बतायापश्चिम बंगाल में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह कल, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी होंगे शामिलकौन हैं शुभेंदु अधिकारी जो बनने जा रहे हैं बंगाल के नए सीएम: जानिए उनका पूरा सियासी सफर

Bihar News: जैसलमेर में शहीद हुए बिहार के जवान का पार्थिव शरीर पहुंचा गांव, राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई

Bihar News: वैशाली के पंकज कुमार रजक की जैसलमेर में फायरिंग प्रशिक्षण के दौरान टैंक में पानी भरने से जान चली गई। भारतीय सेना ने राजकीय सम्मान के साथ दी अंतिम विदाई। गांव में शोक की लहर।

Bihar News
शहीद जवान को अंतिम विदाई
© रिपोर्टर
Deepak Kumar
Deepak Kumar
2 मिनट

Bihar News: वैशाली के जवान पंकज कुमार रजक की जैसलमेर में फायरिंग प्रशिक्षण के दौरान मौत हो गई थी। आज उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, जहां भारतीय सेना ने राजकीय सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी। इस दौरान गांव वालों के आंसू रोके नहीं रुक रहे थे और शहीद जवान को आखिरी बार देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।


वैशाली जिले के भगवानपुर प्रखंड के सराय थाना क्षेत्र के पौड़ा मदन सिंह गांव निवासी पंकज कुमार रजक (40) की जैसलमेर में फायरिंग प्रशिक्षण के दौरान टैंक में पानी भरने से मौत हो गई थी। 7 जुलाई को उन्हें बेहोशी की हालत में पाया गया था और अस्पताल में भर्ती कराया गया। 16 जुलाई को इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। 19 जुलाई की सुबह उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, जहां परिजनों और ग्रामीणों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।


पंकज ने 13 साल पहले भारतीय सेना में नौकरी शुरू की थी। एक साल बाद उनकी शादी हाजीपुर के अकिलाबाद में हुई थी। उनके डेढ़ साल के बेटे हैं। 25 अप्रैल को वे एक महीने की छुट्टी पर घर आए थे, लेकिन 15 दिन बाद आपात स्थिति के कारण उन्हें वापस बुला लिया गया। उनके पिता मनोज रजक पंजाब में एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं और दादा महेश रजक BSF से सब-इंस्पेक्टर के पद से रिटायर हैं।


पंकज के भाई विपिन कुमार ने बताया कि भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान पंकज ने परिवार की जिम्मेदारी संभालने को कहा था। उनके निधन से गांव में शोक की लहर है। पार्थिव शरीर गांव पहुंचने पर हजारों लोग उनके घर उमड़ पड़े। क्षेत्रीय विधायक संजय सिंह ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की। भारतीय सेना ने राजकीय सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर देकर शहीद को अंतिम विदाई दी।  


रिपोर्टर: विक्रमजीत

संबंधित खबरें