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तेज प्रताप यादव की रिहाई पर सीपीआई-माले का सवाल, विधायक संदीप सौरव अब तक जेल में क्यों?

नीट पेपर लीक विरोध प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार विधायक संदीप सौरव और आइसा कार्यकर्ताओं की रिहाई में देरी पर सीपीआई-माले ने बिहार सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाए। पार्टी ने सभी प्रदर्शनकारियों की तत्काल रिहाई की मांग की।

बिहार न्यूज
सीपीआई-माले ने उठाए सवाल
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
6 मिनट

PATNA: NEET पेपर लीक के विरोध में हुए छात्र आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए गए नेताओं और कार्यकर्ताओं की रिहाई को लेकर नया विवाद सामने आ गया है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े लाल और जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के सुप्रीमो और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव को जेल से रिहा कर दिया गया है, लेकिन सीपीआई-माले के विधायक संदीप सौरव, आइसा (AISA) के कई कार्यकर्ता और अन्य प्रदर्शनकारी अभी भी पटना के बेऊर सेंट्रल जेल में बंद हैं। इसे लेकर सीपीआई-माले ने बिहार सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाए हैं।


सीपीआई-माले का कहना है कि सरकार आंदोलन से जुड़े मामलों को वापस लेने का फैसला कर चुकी है, फिर भी कई प्रदर्शनकारियों की रिहाई में देरी क्यों हो रही है?


संदीप सौरव की रिहाई में देरी पर नाराजगी

बता दें कि पालीगंज से सीपीआई-माले विधायक संदीप सौरव को 22 जुलाई को पटना में नीट पेपर लीक के खिलाफ हुए छात्र आंदोलन के बाद शाम में आवास से गिरफ्तार किया गया था। उन पर प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने का आरोप लगाया गया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेज दिया गया था। सीपीआई-माले नेताओं का आरोप है कि सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद विधायक और अन्य कार्यकर्ताओं को अब तक रिहा नहीं किया गया है।


तेज प्रताप की रिहाई के बाद उठे सवाल

पार्टी नेताओं ने कहा कि तेज प्रताप यादव को मंगलवार देर शाम जेल से रिहा कर दिया गया, जबकि आइसा समेत अन्य छात्र संगठनों के नेताओं और कई प्रदर्शनकारियों को अभी तक रिहा नहीं किया गया है। इसे लेकर समर्थकों में नाराजगी है। विधायक संदीप सौरव के करीबी माने जाने वाले आइसा कार्यकर्ता नौशाद अहमद ने दावा किया कि रिहाई के लिए आवश्यक सभी दस्तावेज अधिकारियों को सौंप दिए गए हैं और सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं, लेकिन इसके बावजूद विधायक को अभी भी जेल में रखा गया है। 


प्रशासन से रिहाई प्रक्रिया तेज करने की मांग

सीपीआई-माले की केंद्रीय समिति के सदस्य कुमार परवेज ने कहा कि सरकार द्वारा आंदोलन से जुड़े मामलों को वापस लेने के फैसले के बाद भी विधायक संदीप सौरव, आइसा कार्यकर्ताओं और अन्य प्रदर्शनकारियों की रिहाई नहीं हुई है। उन्होंने प्रशासन से रिहाई प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग की।


पुलिस ने देरी की बताई वजह

पटना सेंट्रल की सिटी एसपी ममता कल्याणी ने कहा कि गिरफ्तार लोगों की रिहाई के लिए पुलिस की ओर से सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने बताया कि अन्य कानूनी प्रक्रियाओं और प्रदर्शनकारियों की संख्या अधिक होने के कारण रिहाई में कुछ देरी हो रही है। उनके अनुसार, सभी को जल्द रिहा किए जाने की उम्मीद है।


तेज प्रताप यादव की हुई रिहाई

गौरतलब है कि तेज प्रताप यादव को 25 जुलाई को बिहार बंद के दौरान पटना में छात्र आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन करने के दौरान गिरफ्तार किया गया था। उन पर पुलिस पर हमले के लिए प्रदर्शनकारियों को उकसाने का आरोप लगाया गया था। पटना सिविल कोर्ट में तेजप्रताप यादव की नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रखा गया था। पटना पुलिस ने गांधी मैदान थाने में तेजप्रताप के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1) (हत्या का प्रयास), 121 (दंगा) और 132 (सरकारी कार्य में बाधा) समेत 12 से अधिक गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। लेकिन तेजस्वी यादव ने आंदोलनकारी छात्रों पर किये गये केस को वापस लेने और उन्हें रिहा करने की मांग सरकार से की थी।


 कहा था कि यदि इस पर संज्ञान नहीं लिय गया तो वो सड़क पर उतरेंगे। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि रिहाई नहीं हुई तो 30 जुलाई से राज्यव्यापी आंदोलन किया जाएगा। जिसके बाद बिहार सरकार ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने और उन्हें रिहा करने का आदेश जारी कर दिया। तेजप्रताप यादव को बेऊर जेल के विशेष डिवीजन वार्ड में रखा गया था। जहां सीने में दर्द, घबराहट, शुगर और बीपी की शिकायत के बाद डॉक्टरों की एक मेडिकल टीम लगातार उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही थी। बाद में सरकार द्वारा आंदोलन से जुड़े मामलों को वापस लेने के फैसले के बाद उनकी रिहाई हुई। तेज प्रताप यादव को मंगलवार शाम बेऊर जेल से रिहा कर दिया गया। मंगलवार की शाम में उनकी रिहाई का आदेश आ गया। जिसके बाद तेज प्रताप को बेऊर जेल से रिहा किया गया।


माले विधायक संदीप सौरभ की पत्नी का बयान 

पालीगंज से वाले विधायक संदीप सौरभ को जिस तरीके से घर से गिरफ्तार किया गया और अभी तक उन्हें पटना स्थित बेऊर जेल में रखा गया है।  संदीप सौरभ की पत्नी कल से ही जेल की चक्कर काट रही है उन्होंने कहा कि सरकार तानाशाही हो गई है मेरे पति को घर से उठा लिया गया था कई थानों में अलग-अलग मामला दर्ज कराया गया है। विधायक संदीप सौरभ की पत्नी ने आगे कहा कि हम लोग डरने वाले नहीं है हमारे पति हमेशा जनहित के सवाल उठाते हैं और छात्रों के हित में हमेशा बात करते हैं सदन से लेकर सड़क तक समाज की बात करते हैं। संदीप सौरभ की पत्नी ने आगे कहा कि हम पत्नी बाद में हम लोग संघर्ष करने वाले नेता रहे हैं उनसे बहुत कुछ सीखने को मिला है वह आगे भी संघर्ष करते रहेंगे और सड़कों पर उतरकर जनहित का सवाल उठाते रहेंगे।

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