PATNA: लालू-राबड़ी के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेजप्रताप यादव को झटका लगा है. कोर्ट ने तेजप्रताप यादव की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर के आधार पर उनके पूर्व पीएम मोतीलाल यादव की गिरफ्तारी या या उनके खिलाफ किसी भी दूसरे दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दिया है. कोर्ट में तेजप्रताप यादव पर गंभीर सवाल भी उठे. मसलन, उनकी अलमारी में 20 लाख रूपये कैश कहां से आये, क्या इसकी खबर आय़कर विभाग को थी.
बता दें कि पिछले 22 जून को तेजप्रताप यादव ने अपने पीए मोतीलाल के खिलाफ 20 लाख नकद, 2 तोला सोने की चेन, 1 सोने की अंगूठी, चार पेन ड्राइव, 2 हार्ड डिस्क, एक आईपैड, एक लैपटॉप, 17 मैक्स और 4 आईफोन चोरी कर भाग निकलने का आऱोप लगाया था. तेजप्रताप यादव ने आरोप लगाया था कि मोतीलाल यादव सारा सामान चुरा कर दीवार फांद कर भाग गया था.
हाईकोर्ट में तेजप्रताप यादव पर उठे गंभीर सवाल
मोतीलाल यादव ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. सोमवार को जस्टिस सत्यव्रत वर्मा की कोर्ट में इस याचिका पर सुनवाई हुई. कोर्ट में मोतीलाल यादव के वकील ने कहा कि तेजप्रताप यादव ने गलत एफआईआर दर्ज कराकर मोतीलाल यादव को फंसाने की कोशिश की है. वकील ने कहा कि कोई व्यक्ति अपने घऱ में 20 लाख रूपये कैश क्यों रखेगा. इतना पैसा कहां से आय़ा.
अनुष्का यादव से जुड़ा है मामला
मोतीलाल यादव की ओर से कोर्ट में बताया गया कि उन्हें क्यों फंसाया गया है. वकील ने बताया कि तेजप्रताप यादव जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के अध्यक्ष हैं और मोतीलाल यादव उनके पी.ए. होने के साथ-साथ जे.जे.डी. के महासचिव भी थे। मोतीलाल यादव ने कहा कि उन्हें अनुष्का यादव और आकाश यादव के मामले के कारण फंसाया गया है.
मोतीलाल यादव के मुताबिक तेजप्रताप यादव 6 जून 2026 को रात के साढ़े नौ बजे आकाश यादव के घर आकाश यादव की भांजी उज्जैनी से मिलने गए थे और वहां हंगामा किया था। इस संबंध में आकाश गौरव ने 18 जून 2026 को पटना के पाटलिपुत्र थाना कांड संख्या 313/2026 दर्ज कराया था। इसमें तेजप्रताप यादव, मोतीलाल यादव, जय बलकारी तथा लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के अज्ञात आरोपियों को अभियुक्त बनाया गया था.
तेजप्रताप यादव ने झूठ बोलने को कहा
मोतीलाल यादव ने कोर्ट के ये बताया कि आकाश यादव ने पाटलिपुत्र थाने में तेजप्रताप यादव के खिलाफ केस नंबर 313/2026 दर्ज करा दिया तो तेजप्रताप अलग किस्म का दबाव बनाने लगे. उन्होंने मोतीलाल को कहा कि वह पुलिस के सामने ये स्वीकार करे कि वह आकाश गौरव के घर गए थे और तेजप्रताप यादव साथ में नहीं थे. लेकिन जब मोतीलाल यादव ने उनकी बात मानने से मना कर दिया तो उन्हें झूठे मामले में फंसा दिया गया।
मोतीलाल के घर जाकर दी गई धमकी
हाईकोर्ट में मोतीलाल के वकील ने कहा कि 22 जून 2026 को तेजप्रताप यादव के ड्राइवर अनिल चार अज्ञात लोगों मोतीलाल के घर पहुंचे, जहां उनकी पत्नी और परिवार के अन्य सदस्य मौजूद थे। तेजप्रताप यादव के ड्राइवर और उनके साथ आये लोगों ने घर में मौजूद लोगों को धमकाकर कई सामान, जिनमें चार मोबाइल फोन भी शामिल थे, अपने साथ ले गए। इस घटना के संबंध में मोतीलाल यादव की पत्नी ने अगमकुआं थाना को सूचना दी, जिसके आधार पर 23 जून 2026 को अगमकुआं थाना कांड संख्या 670/2026 दर्ज किया गया।
अपने नौकर के खिलाफ तेजप्रताप यादव ने केस दर्ज कराया
कोर्ट में मोतीलाल यादव के वकील ने बताया कि तेजप्रताप यादव ने इससे पहले 21 जून 2022 को अपने नौकर चंदन कुमार के विरुद्ध सचिवालय थाना में केस दर्ज कराया था. बाद में इस मामले में समझौता कर लिया गया.
वाई श्रेणी की सुरक्षा में कैसे हुई चोरी
मोतीलाल यादव के वकील ने कोर्ट में बताया कि तेजप्रताप यादव को सरकार की ओर से वाई-प्लस श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध है। ऐसे में इतनी आसानी से सुरक्षा व्यवस्था को भेदकर चोरी करना संभव नहीं लगता। वकील ने कहा कि इतनी बड़ी मात्रा में नकदी, आभूषण और मोबाइल ले जाना और घर की दीवार फांदकर सीसीटीवी में पकड़े बिना निकल जाना संभव नहीं प्रतीत होता। उन्होंने दोहराया कि ऊपर बताए गए कारणों से याचिकाकर्ता को झूठा फंसाया गया है। अलमारी से 20 लाख रुपये चोरी किए जाने का आरोप भी विश्वसनीय नहीं लगता।
तेजप्रताप यादव बतायेंगे कि पैसा कहां से आय़ा
मोतीलाल यादव के वकील के जवाब में तेजप्रताप के वकील ने कहा कि वे स्पष्ट करेंगे कि किन परिस्थितियों में उन्होंने अपनी अलमारी में 20 लाख रुपये रखे थे। तेजप्रताप के वकील ने यह भी कहा कि वह एक राजनीतिक व्यक्ति हैं और इतनी बड़ी रकम घर में नकद रखने की जानकारी उन्होंने संभवतः आयकर विभाग को भी दी होगी। इस संबंध में जवाब देने के लिए उन्होंने दो सप्ताह का समय मांगा।
कोर्ट ने गिरफ्तारी समेत किसी भी कार्रवाई पर रोक लगाई
दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद हाईकोर्ट ने मोतीलाल यादव की गिरफ्तारी समेत उनके खिलाफ किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई पर रोक लगा दिया है. कोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई के लिए 12 अक्टूबर 2026 की तारीख तय की है.
ब्यूरो रिपोर्ट-पटना





