BIHAR NEWS : सुपौल जिले के जदिया थाना क्षेत्र से बुधवार को एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आई है। जदिया थाना के हाजत में बंद एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस का दावा है कि युवक ने हाजत में मौजूद कंबल की पट्टी (कपड़े) से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, जबकि घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। आक्रोशित लोगों ने थाना का घेराव कर दिया और थाना के सामने से गुजरने वाले स्टेट हाईवे-91 (SH-91)को जाम कर जमकर हंगामा किया।
मृतक की पहचान जदिया थाना क्षेत्र के रजगांव वार्ड संख्या-2 निवासी नंदन कुमार के 24 वर्षीय पुत्र बिट्टू कुमार के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार बिट्टू कुमार को पुलिस ने शराब के नशे में होने के आरोप में हिरासत में लिया था। उसे जदिया थाना के हाजत में रखा गया था। इसी दौरान देर रात या सुबह के समय उसने कथित रूप से कंबल की पट्टी से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
घटना की जानकारी मिलते ही थाना परिसर में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने युवक को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर जैसे ही उसके परिजनों और ग्रामीणों तक पहुंची, लोगों का गुस्सा भड़क उठा।
आक्रोशित परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में जदिया थाना पहुंच गए। उन्होंने पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाते हुए थाना का घेराव शुरू कर दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने थाना के सामने स्थित एसएच-91 को जाम कर दिया। सड़क पर टायर जलाकर आगजनी की गई और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। सड़क जाम होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
परिजनों का आरोप है कि युवक की मौत सामान्य आत्महत्या का मामला नहीं है और इसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। परिजन पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े कर रहे हैं। उनका कहना है कि हिरासत में बंद युवक की सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस की होती है, ऐसे में यह घटना कई सवाल खड़े करती है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिले के कई पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। जदिया थाना क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की भी तैनाती की गई। बढ़ते विरोध प्रदर्शन और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए सुपौल के पुलिस अधीक्षक (एसपी) शरथ आर.एस स्वयं जदिया थाना पहुंचे। उन्होंने मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने की कोशिश की।
एसपी ने परिजनों को मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि घटना की सभी पहलुओं से जांच की जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है।
फिलहाल पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार लोगों से संवाद स्थापित कर स्थिति को सामान्य करने में जुटे हैं। वहीं, मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।इस घटना ने एक बार फिर पुलिस हिरासत में बंद व्यक्तियों की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूरे मामले पर जिले भर की नजर बनी हुई है और लोग जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।





