MOTIHARI: बक्सर से सांसद सुधाकर सिंह ने किसानों के मुद्दों को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि 15 से 20 अगस्त के बीच मोतिहारी में किसानों की एक बड़ी महापंचायत आयोजित की जाएगी, जिसमें देशभर के किसान नेताओं को आमंत्रित किया जाएगा।
सुधाकर सिंह ने कहा कि इस महापंचायत में विभिन्न राज्यों के किसान नेता और बड़ी संख्या में किसान शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि बैठक में किसानों से जुड़े मुद्दों और सरकार की कृषि नीतियों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इस दौरान सांसद ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वर्तमान सरकार की नीतियां किसानों के हित में नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आज की सरकार किसानों की जमीन और अधिकारों को प्रभावित कर रही है।
सुधाकर सिंह ने कहा, "अंग्रेजों के शासन में 15 प्रतिशत जमीन की फसल ली जाती थी, लेकिन आज की सरकार 100 प्रतिशत जमीन पर ही कब्जा करने का काम कर रही है।" उन्होंने सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए किसानों से एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की।
सुधाकर सिंह ने कहा कि 10 लाख एकड़ जमीन सेटेलाइट सिटी के नाम पर या इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के नाम पर सरकार के कब्जा करने का ये जो मॉडल जो तैयार किया जा रहा है, उसकी शुरुआत पिपराकोठी से हो रही है। इसमें प्रमुख बात यह है कि पिपराकोठी में बिहार सरकार अपने पैसे से 18 करोड़ की लागत से वाटर पार्क बनाना चाहती है। जबकि देश के किसी कोने में कही भी वाटर पार्क सरकार नहीं बनाती है, यह काम निजी क्षेत्र का होता है। आखिरकार क्या कारण है कि पिपराकोठी में 18 करोड़ का वाटर पार्क बनाया जा रहा है। जबकि मोतिहारी शहर में 400 एकड़ का झील पहले से हजारों साल से मौजूद है। उस 400 एकड़ के झील को छोड़कर पिपराकोठी की जमीन पर सरकार की नजर बनी हुई है।
सुधाकर सिंह ने बीजेपी सांसद पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि स्थानीय भू-माफिया वहां का बीजेपी सांसद राधामोहन सिंह है। मोतिहारी में महात्मा गांधी के नाम पर फर्जी फाउंडेशन बनाकर सिचाई विभाग का कई एकड़ जमीन राधा मोहन सिंह के नाम पर कब्जा किया गया। सबसे बड़ा भू- माफिया राधामोहन सिंह हैं। किसी को एमएलए, जिलाध्यक्ष, एमएलसी और ठेका देने के नाम पर जमीन अपने निकटवर्ती लोगों के नाम से रजिस्ट्री करते हैं फिर बाद में उनसे गिफ्ट लेते हैं।




