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सीतामढ़ी में पोखर से मिले सैकड़ों वोटर आईडी कार्ड, बच्चों ने ताश समझकर उठाया, जांच में जुटा प्रशासन

Bihar News: सीतामढ़ी के सोनबरसा इलाके में एक पोखर से सैकड़ों वोटर आईडी कार्ड मिलने का मामला सामने आया है। बच्चों द्वारा कार्ड उठाए जाने के बाद ग्रामीणों ने इसकी सूचना प्रशासन को दी, जिसके बाद जांच शुरू कर दी गई...

सीतामढ़ी में पोखर से मिले सैकड़ों वोटर आईडी कार्ड, बच्चों ने ताश समझकर उठाया, जांच में जुटा प्रशासन
Ramakant kumar
3 मिनट

Bihar News: सीतामढ़ी जिले के सोनबरसा प्रखंड स्थित हनुमान नगर गांव से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक पोखर में बड़ी संख्या में वोटर आईडी कार्ड तैरते हुए मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। शुरुआत में बच्चों ने इन कार्डों को ताश या साधारण कागज समझकर उठा लिया और घर ले गए, लेकिन बाद में ग्रामीणों ने जब ध्यान से देखा तो पता चला कि ये निर्वाचन आयोग द्वारा जारी वोटर पहचान पत्र हैं।


जैसे ही यह बात गांव में फैली, लोगों के बीच अफरा-तफरी और चर्चा का माहौल बन गया। कई ग्रामीण अपने-अपने घरों में रखे वोटर कार्ड की जांच करने लगे। हालांकि अधिकांश लोगों ने बताया कि उनके कार्ड सुरक्षित हैं। इसके बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठा कि आखिर इतने सारे वोटर आईडी कार्ड पोखर में पहुंचे कैसे।


स्थानीय लोगों के अनुसार, बच्चे पोखर के पास खेल रहे थे, तभी उनकी नजर पानी में तैरते हुए कार्डों पर पड़ी। उन्होंने इन्हें उठाकर घर ले जाना शुरू कर दिया। घर पर जब परिजनों ने कार्ड देखे तो पता चला कि ये वोटर पहचान पत्र हैं, जिसके बाद पूरे गांव में यह खबर तेजी से फैल गई।


ग्रामीणों का कहना है कि वोटर आईडी कार्ड एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज होता है, ऐसे में एक साथ इतने कार्डों का पोखर में मिलना कई सवाल खड़े करता है। हालांकि अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि ये कार्ड किसके हैं और यहां तक कैसे पहुंचे।


स्थानीय युवक नासिर ने पूरे मामले की जानकारी सोनबरसा प्रखंड विकास पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार को व्हाट्सएप के जरिए दी। वहीं गांव के अबु बकर और एम जे आलम ने भी प्रशासन को सूचना देकर मामले से अवगत कराया। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने जिम्मेदारी दिखाते हुए तुरंत अधिकारियों को जानकारी दी।


बीडीओ मृत्युंजय कुमार ने बताया कि उन्हें सूचना मिल चुकी है और सभी कार्ड प्रखंड कार्यालय भेजने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कार्ड मिलने के बाद पूरे मामले की जांच की जाएगी और जरूरत पड़ने पर टीम गठित कर आगे की कार्रवाई होगी।