SITAMARHI: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा था कि अपराधियों की अब खैर नहीं है। बिहार में किसी भी हाल में अपराधियों का राज खत्म होगा। अपराधियों को ठीक करना हमें आता है। किसी भी बदमाशों को बख्शा नहीं जाएगा। उनके इस बयान के बाद बिहार में अपराधियों के खिलाफ एक्शन तेज हो गयी। ऑपरेशन लंगड़ा चलाया जा रहा है, पुलिस पर हमला करने वालों का एनकाउंटर किया जा रहा है। पुलिस की एक्शन से घबराकर अब अपराधी कोर्ट में सरेंडर कर रहे हैं। ताजा मामला बिहार के सीतामढ़ी जिले से आ रही है।
सीतामढ़ी जिले के बथनाहा प्रखंड स्थित मटियार कला गांव निवासी 25 हजार रुपये का इनामी कुख्यात अपराधी विकेश दास ने बुधवार को सीतामढ़ी कोर्ट में सरेंडर कर दिया। वह लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से फरार चल रहा था और कई संगीन मामलों में वांछित था।
जानकारी के अनुसार विकेश दास कचोर पंचायत के मुखिया मुन्ना मिश्रा हत्याकांड और जयनगर पंचायत समिति सदस्य कविता देवी के पति राजू कुशवाहा की हत्या के मामले में आरोपी है। इसके अलावा जिले के कई थानों में उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी समेत कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
बताया जाता है कि विकेश दास का परिवार भी लंबे समय से खूनी रंजिश का शिकार रहा है। वर्ष 2001 में पंचायत चुनाव की रंजिश में उसके पिता और तत्कालीन मुखिया दुखा दास की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोप था कि चुनाव हारने के बाद बिंदु राउत ने इस वारदात को अंजाम दिया था।
इसके कुछ समय बाद विकेश दास के भाई राकेश दास की भी अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। लगातार पारिवारिक दुश्मनी और आपराधिक घटनाओं के कारण यह मामला वर्षों से इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ था। विकेश दास के सरेंडर के बाद पुलिस अब उससे जुड़े पुराने मामलों में पूछताछ की तैयारी में जुट गई है।





