GOPALGANJ:बिहार के गोपालगंज जिले में शिक्षा विभाग की ऑनलाइन अटेंडेंस सिस्टम पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई है। जांच में खुलासा हुआ है कि जिले के 33 शिक्षकों की हाजिरी उनके विद्यालय से करीब 100 किलोमीटर दूर से बनाई गई। मामले का खुलासा होते ही शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।
जिला शिक्षा पदाधिकारी योगेश कुमार ने इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए सभी संबंधित शिक्षकों से शो कॉज पूछा है। विभाग का कहना है कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो संबंधित शिक्षकों पर निलंबन समेत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, बिहार सरकार द्वारा स्कूलों में पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने के लिए ई-शिक्षा कोष पोर्टल के माध्यम से शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था लागू की गई है। इस व्यवस्था के तहत शिक्षकों को विद्यालय परिसर से ही अपनी उपस्थिति बनानी होती है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि शिक्षक समय पर स्कूल पहुंच रहे हैं और नियमित रूप से पढ़ाई हो रही है।
लेकिन गोपालगंज में जांच के दौरान जो तथ्य सामने आए हैं, उसने पूरी व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विभागीय जांच में पाया गया कि कई शिक्षकों की लोकेशन विद्यालय से काफी दूर की थी, फिर भी उनकी उपस्थिति पोर्टल पर दर्ज कर ली गई। कुछ मामलों में लोकेशन दूसरे जिले की भी बताई जा रही है।
सूत्रों की मानें तो विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि आखिर तकनीकी खामी के कारण ऐसा हुआ या फिर जानबूझकर नियमों को दरकिनार कर फर्जी उपस्थिति बनाई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए अन्य संदिग्ध हाजिरियों की भी जांच शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई के बाद जिले के शिक्षा महकमे में हड़कंप का माहौल है। कई शिक्षक अब विभागीय जांच और संभावित कार्रवाई को लेकर चिंतित हैं।
वहीं अभिभावकों और आम लोगों के बीच भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि यदि शिक्षक स्कूल पहुंचे बिना ही उपस्थिति बना रहे हैं, तो इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। फिलहाल जिला शिक्षा विभाग पूरे मामले की गहन जांच में जुटा हुआ है और आने वाले दिनों में कई और खुलासे हो सकते हैं।
गोपालगंज से नमो नारायण मिश्रा की रिपोर्ट





