1st Bihar Published by: SAURABH KUMAR Updated Mar 21, 2026, 5:53:18 PM
सीतामढ़ी में पुलिस की बर्बरता - फ़ोटो सोशल मीडिया
SITAMARHI: सहरसा में वर्दी का धौंस दिखाकर निर्दोष लोगों को केस में फंसाने वाले तीन पुलिस कर्मियों के खिलाफ डीआईजी ने कार्रवाई की है। तीनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। अभी यह मामला शांत हुआ भी नहीं था कि सीतामढ़ी में भी पुलिस का कारनामा सामने आ गया। सीतामढ़ी में ‘Dhurandhar 2’ फिल्म सिनेमा हॉल से देखकर लौट रहे युवकों पर पुलिस ने कहर बरपाया।
सुप्पी थाने के थानेदार संजीत कुमार ने वर्दी का धौंस दिखाकर दो युवकों को रातभर थाने के हाजत में रखकर बर्बरता पूर्वक पिटाई की। दोनों चीखते रहे चिल्लाते रहे लेकिन थानाध्यक्ष और वहां मौजूद पुलिस कर्मियों के कान तक जू नहीं रेंगा। उल्टे वहां पहले से लॉकअप में चोरी के आरोप में बंद व्यक्ति पर दबाव देकर इन युवकों को अपना साथी बताने के लिए मजबूर कर दिया। पहले से पकड़े गये चोर को भी इस कदर पीटा कि वह इन दोनों युवक को अपना साथी बता दिया। दोनों युवकों ने थानेदार पर यह गंभीर आरोप लगाये हैं। दोनों की जिस तरह से पिटाई की गयी है, उसके जख्म को देखकर परिवार वाले भी हैरान हैं और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
सीतामढ़ी जिले के सुप्पी थाना क्षेत्र से पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़ा करने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। ससौला चौक के पास से पुलिस द्वारा दो युवकों को उठाकर थाने ले जाने और रातभर बेरहमी से पिटाई करने का आरोप लगा है। घटना के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है।
मिली जानकारी के अनुसार, जयप्रकाश सिंह और गोपाल कुमार सिंह फिल्म “Dhurandhar 2” देखकर अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान सुप्पी थाना प्रभारी संजीत कुमार ने उन्हें रोका और कथित तौर पर बिना किसी ठोस कारण के डंडों से पीटना शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि दोनों युवकों को थाने ले जाकर पूरी रात पिटाई की गई। पीड़ितों के शरीर पर डंडों के कई निशान हैं, वहीं जयप्रकाश सिंह के नितंब पर भी गहरे जख्म बताए जा रहे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक लगातार चीखते-चिल्लाते रहे और रहम की गुहार लगाते रहे, लेकिन पिटाई जारी रही। घायल जयप्रकाश सिंह, पैक्स अध्यक्ष बजरंगी सिंह के पुत्र बताए जा रहे हैं। पकड़े गये दोनों युवक चचेरे भाई हैं। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। बाद में एक स्थानीय नेता के हस्तक्षेप के बाद युवक को पुलिस के कब्जे से छुड़ाया गया।
गंभीर रूप से घायल युवक को तुरंत सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। घटना के बाद लोगों के बीच यह सवाल उठने लगा है कि क्या अब कानून के रखवाले ही कानून तोड़ने में लगे हैं? ऐसे में पुलिस पर से लोगों का भरोसा उठ जाएगा। फिलहाल पुलिस प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। अब देखने वाली बात होगी वरीय अधिकारी इस मामले क्या कार्रवाई करते हैं?