ब्रेकिंग
जमीन की जमाबंदी में बड़ा फर्जीवाड़ा, CO और राजस्व कर्मी समेत 55 लोगों पर केस; डिजिटल सिस्टम पर भी उठे सवालराबड़ी देवी के नए सरकारी बंगले का रंग बदला, भगवा हटाकर इस कलर से पेंट करा रही सरकार; लालू परिवार ने जताई थी आपत्तिमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सुरक्षा में लापरवाही पर एक्शन, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सस्पेंडशॉर्ट सर्किट से फैक्ट्री में लगी भीषण आग, लाखों की मशीनें और सामान जलकर राखकेंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन ने दिया इस्तीफा, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया मंजूर; क्या है वजह?जमीन की जमाबंदी में बड़ा फर्जीवाड़ा, CO और राजस्व कर्मी समेत 55 लोगों पर केस; डिजिटल सिस्टम पर भी उठे सवालराबड़ी देवी के नए सरकारी बंगले का रंग बदला, भगवा हटाकर इस कलर से पेंट करा रही सरकार; लालू परिवार ने जताई थी आपत्तिमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सुरक्षा में लापरवाही पर एक्शन, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सस्पेंडशॉर्ट सर्किट से फैक्ट्री में लगी भीषण आग, लाखों की मशीनें और सामान जलकर राखकेंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन ने दिया इस्तीफा, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया मंजूर; क्या है वजह?

BIHAR: सरकारी योजनाओं की खुली पोल: तटबंध मरम्मत में नाबालिग बच्चों से कराया जा रहा काम

बैरगनिया के बागमती परियोजना क्षेत्र में तटबंध मरम्मत का कार्य नाबालिग बच्चों से कराया जा रहा है। वायरल तस्वीरों में मासूम बच्चे बोरे में मिट्टी भरते नजर आए, जिससे सरकारी तंत्र की लापरवाही उजागर हुई है।

bihar
सरकारी योजनाओं में बाल मजदूरी
© google
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

SITAMARHI: सीतामढ़ी जिले के बैरगनिया रिंग बांध में जल संसाधन विभाग द्वारा तटबंध की मरम्मत का काम कराया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि इस महत्वपूर्ण कार्य में मजदूरों की जगह नाबालिग बच्चों से काम करवाया जा रहा है। बैरगनिया तटबंध के परसौनी पंचायत अंतर्गत बागमती परियोजना की वायरल हो रही वीडियो में मासूम बच्चे बोरे में मिट्टी भरते और ढोते नजर आ रहे हैं।


जहाँ एक ओर सरकार बाल मजदूरी को खत्म करने की दिशा में कानून बना रखी है, तो वहीं दूसरी ओर सरकारी योजनाओं में ही बाल मजदूरी को रोकने के लिए बने नियमों की खुलेआम धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं। यह दृश्य न केवल बाल अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि प्रशासन की लापरवाही को भी उजागर करता है।


स्थानीय लोगों की माने तो काम की निगरानी करने वाला कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं था। बच्चों को बिना किसी सुरक्षा उपकरण के जोखिमभरे कार्य में लगाया गया है, जो पूरी तरह से गैरकानूनी है।अब सवाल यह उठता है कि क्या जल संसाधन विभाग इस मामले में कोई जवाबदेही तय करेगा? और क्या बाल श्रम कानून का उल्लंघन करने वालों पर कोई कार्रवाई होगी?


टैग्स