Shravani Mela 2026: बिहार के विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले को देश-दुनिया तक पहुंचाने के लिए पर्यटन विभाग ने सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स के लिए खास वीडियो प्रतियोगिता शुरू की है. ‘श्रावणी मेला 2026 : एक इंफ्लुएंसर की नजर’ नाम से आयोजित इस प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को श्रावणी मेला, कांवरिया पथ, धार्मिक स्थलों, स्थानीय संस्कृति और मेले से जुड़ी गतिविधियों को वीडियो के जरिए प्रस्तुत करना होगा.
प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को 3 लाख रुपये तक का नकद पुरस्कार दिया जाएगा. प्रथम पुरस्कार 3 लाख रुपये, द्वितीय पुरस्कार 2 लाख रुपये और तृतीय पुरस्कार 1 लाख रुपये रखा गया है. इसके अलावा दो प्रतिभागियों को 50-50 हजार रुपये और पांच प्रतिभागियों को 25-25 हजार रुपये के पुरस्कार दिए जाएंगे.
25 हजार फॉलोअर्स वाले Influencers ही ले सकेंगे हिस्सा
प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रतिभागी का भारतीय नागरिक होना और उसकी उम्र कम से कम 18 वर्ष होना जरूरी है. साथ ही फेसबुक, इंस्टाग्राम, X और यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कुल मिलाकर कम से कम 25 हजार फॉलोअर्स होना अनिवार्य किया गया है.
आवेदन के दौरान फॉलोअर्स की संख्या का प्रमाण भी देना होगा. इसके अलावा प्रतिभागी के सोशल मीडिया अकाउंट का रिकॉर्ड भी देखा जाएगा. किसी अकाउंट पर विवादास्पद, आपत्तिजनक, असामाजिक या किसी धर्म अथवा समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली सामग्री पाए जाने पर प्रतिभागी को प्रतियोगिता से बाहर किया जा सकता है.
30 सेकंड से 2 मिनट का बनाना होगा वीडियो
प्रतियोगिता के लिए वीडियो की अवधि 30 सेकंड से कम और 2 मिनट से अधिक नहीं होनी चाहिए. वीडियो का मुख्य विषय श्रावणी मेला और कांवरिया पथ रहेगा.
वीडियो में मुंगेर, बांका और भागलपुर क्षेत्र के कांवरिया पथ, धार्मिक स्थल, स्थानीय परंपराएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम, श्रद्धालुओं के अनुभव और पर्यटन से जुड़ी संभावनाओं को शामिल किया जा सकता है. श्रावणी मेले से असंबंधित वीडियो प्रतियोगिता में स्वीकार नहीं किए जाएंगे.
HD क्वालिटी और Geotag जरूरी
प्रतियोगिता में शामिल होने वाले वीडियो को HD क्वालिटी में तैयार करना होगा. वीडियो की फाइल 100 MB से 1 GB के बीच होनी चाहिए. इसके साथ वीडियो का Geotagged होना भी अनिवार्य है, ताकि शूटिंग की लोकेशन की जानकारी उपलब्ध रहे.
विभाग की ओर से जरूरत पड़ने पर प्रतिभागियों से वीडियो का Raw Footage भी मांगा जा सकता है. इसलिए प्रतिभागियों को वीडियो की मूल फुटेज सुरक्षित रखनी होगी.
AI से बनाए वीडियो पर रोक
प्रतियोगिता के नियमों में AI से तैयार किए गए वीडियो को लेकर स्पष्ट रोक लगाई गई है. प्रतिभागियों को अपना वीडियो बिना AI के तैयार करना होगा. जांच के दौरान AI के इस्तेमाल की पुष्टि होने पर संबंधित वीडियो को प्रतियोगिता से अयोग्य घोषित किया जा सकता है.
वीडियो में किसी अन्य व्यक्ति या संस्था के कॉपीराइट का उल्लंघन करने वाली सामग्री, आपत्तिजनक दृश्य, विवादास्पद सामग्री, अनधिकृत लोगो या वॉटरमार्क भी नहीं होना चाहिए.
वीडियो की Reach, Likes और Shares से तय होगी रैंकिंग
प्रतियोगिता में विजेता का चयन केवल वीडियो की गुणवत्ता के आधार पर नहीं होगा. सोशल मीडिया पर वीडियो के प्रदर्शन को भी चयन का प्रमुख आधार बनाया गया है.
तीन मानदंडों के आधार पर प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया जाएगा.
- वीडियो की कुल Reach
- वीडियो पर मिले Likes
- वीडियो को मिले Shares
X पर मिलने वाले Retweets को Shares के रूप में गिना जाएगा. प्रतियोगिता के दौरान चयनित वीडियो बिहार पर्यटन विभाग के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी साझा किए जाएंगे. इन वीडियो के प्रदर्शन की 45 दिनों तक समीक्षा की जाएगी.
तीनों मानदंडों में सबसे अधिक संयुक्त संख्या हासिल करने वाले प्रतिभागी को विजेता घोषित किया जाएगा. दो प्रतिभागियों के बीच बराबरी होने पर अधिक Reach वाले वीडियो को प्राथमिकता दी जाएगी.
किसे कितना मिलेगा पुरस्कार
- प्रथम पुरस्कार - 3 लाख रुपये
- द्वितीय पुरस्कार - 2 लाख रुपये
- तृतीय पुरस्कार - 1 लाख रुपये
चतुर्थ पुरस्कार - दो प्रतिभागियों को 50-50 हजार रुपये
प्रशंसा/सांत्वना पुरस्कार - पांच प्रतिभागियों को 25-25 हजार रुपये
Google Form से करना होगा आवेदन
प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए प्रतिभागियों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा. इसके लिए Google Form के माध्यम से आवेदन की प्रक्रिया रखी गई है. आवेदन का लिंक बिहार पर्यटन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराया गया है.
आवेदन के दौरान प्रतिभागियों को अपना नाम, पता, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर और अन्य जरूरी जानकारी देनी होगी. इसके साथ आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या वोटर आईडी जैसे वैध पहचान पत्र का प्रमाण भी देना होगा.
प्रत्येक वीडियो के साथ उसका शीर्षक और अधिकतम 50 शब्दों में हिंदी या अंग्रेजी में विवरण देना भी जरूरी होगा.
श्रावणी मेला 2026 में कई नए आकर्षण
इस वर्ष श्रावणी मेला 30 जुलाई से शुरू हुआ है और 28 अगस्त तक चलेगा. सावन की सोमवारी को देखते हुए 3 अगस्त, 10 अगस्त, 17 अगस्त और 24 अगस्त को विशेष धार्मिक गतिविधियां होंगी.
मेले के दौरान सुल्तानगंज, बांका के मंदार क्षेत्र, मुंगेर के खैरा सहित कांवरिया पथ से जुड़े कई प्रमुख स्थानों पर धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं.
इस बार श्रावणी मेले में टेंट सिटी, लेजर शो, ड्रोन शो और वॉटर स्क्रीन म्यूजिकल फाउंटेन शो जैसे नए आकर्षण भी शामिल किए गए हैं. कांवरियों की सुविधा के लिए सुल्तानगंज से जुड़े कांवरिया मार्ग और अन्य प्रमुख स्थानों पर आधुनिक सुविधाओं से लैस टेंट सिटी विकसित की जा रही हैं.
पर्यटन विभाग को वीडियो इस्तेमाल करने का अधिकार
प्रतियोगिता में वीडियो जमा करने वाले प्रतिभागियों को विभाग के नियमों से सहमत होना होगा. जमा किए गए वीडियो का बिहार पर्यटन विभाग बिना अतिरिक्त अनुमति और अतिरिक्त भुगतान के उपयोग, पुनरुत्पादन और प्रदर्शन कर सकेगा.
विभाग इन वीडियो का प्रचार-प्रसार के साथ व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए भी इस्तेमाल कर सकता है. ऐसे में प्रतिभागियों को वीडियो तैयार करते समय कॉपीराइट और किसी तीसरे पक्ष के अधिकारों का ध्यान रखना होगा.





