1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 06, 2026, 2:05:30 PM
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Bihar News : बिहार के समस्तीपुर जिले से रविवार को एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। विशनपुर मुसहरी टोला में शॉर्ट सर्किट से लगी भीषण आग में एक हंसता-खेलता परिवार उजड़ गया। इस हादसे में घर के अंदर सो रहे दो जुड़वां भाइयों में से एक 5 वर्षीय मासूम श्याम की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि उसका दूसरा भाई किसी तरह सुरक्षित बच गया।
जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा रविवार की देर रात उस समय हुआ जब अशोक सदा का परिवार अपने फूस के घर में सो रहा था। अचानक बिजली के शॉर्ट सर्किट से निकली चिंगारी ने देखते ही देखते पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। चूंकि घर फूस का बना हुआ था, इसलिए आग ने तेजी से विकराल रूप धारण कर लिया और कुछ ही मिनटों में पूरी झोपड़ी जलने लगी।
आग इतनी तेज थी कि लोगों को संभलने या बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला। ग्रामीणों ने किसी तरह जान जोखिम में डालकर लपटों के बीच से एक बच्चे को बाहर निकाल लिया, लेकिन दूसरा मासूम श्याम आग की तेज लपटों और घने धुएं के बीच फंस गया। जब तक लोग उसे बचाने की कोशिश करते, तब तक उसकी दर्दनाक मौत हो चुकी थी।
इस भीषण अग्निकांड में केवल एक परिवार ही नहीं बल्कि आसपास के पांच गरीब परिवार भी प्रभावित हुए हैं। आग ने तेजी से फैलते हुए पांच घरों को पूरी तरह जलाकर राख कर दिया। घरों में रखा अनाज, कपड़े, नकदी और रोजमर्रा की जरूरत की सभी वस्तुएं भी जलकर नष्ट हो गईं। इतना ही नहीं, इस हादसे में एक बकरी भी जिंदा जल गई, जिससे ग्रामीणों में और अधिक आक्रोश और दुख का माहौल है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और भारी नुकसान हो चुका था।
सूचना मिलने के बाद मुफस्सिल थानाध्यक्ष अजीत प्रसाद सिंह पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने मृतक बच्चे के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया है, जिसने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य और नमूने एकत्र किए हैं।
इस हादसे के बाद पूरे विशनपुर मुसहरी टोला में मातम पसरा हुआ है। हर तरफ सन्नाटा है और ग्रामीण शोक में डूबे हुए हैं। सबसे ज्यादा दर्दनाक स्थिति मासूम के माता-पिता की है, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार और गांव के लोग इस घटना से स्तब्ध हैं और प्रशासन से पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। यह हादसा एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में बिजली सुरक्षा व्यवस्था और फूस के घरों की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।