ब्रेकिंग
बिहार के 'सच्चे सेवक' सम्मान समारोह का FIRST BIHAR ने किया आयोजन, 17 रियल हीरो को CM सम्राट चौधरी ने किया सम्मानित, बोले..‘रील नहीं, रियल हीरो बनें’BIHAR MVI TRANSFER: परिवहन विभाग में बड़े पैमाने पर तबादला, देखिये पूरी लिस्टBPSC TRE 4: 32,388 शिक्षक पदों के लिए आवेदन का नया नोटिस जारी, इस दिन से शुरू होगा रजिस्ट्रेशनजमुई जैसी घटना दरभंगा में दोहराने की कोशिश, परीक्षा देने जा रही नाबालिग छात्रा को जबरन बाइक पर बिठाने का प्रयासनदी के पास झाड़ियों में छिपे थे नंदन यादव और हरेराम यादव, पुलिस पहुंची तो करने लगे फायरिंग; जानिए.. एनकाउंटर की पूरी कहानीबिहार के 'सच्चे सेवक' सम्मान समारोह का FIRST BIHAR ने किया आयोजन, 17 रियल हीरो को CM सम्राट चौधरी ने किया सम्मानित, बोले..‘रील नहीं, रियल हीरो बनें’BIHAR MVI TRANSFER: परिवहन विभाग में बड़े पैमाने पर तबादला, देखिये पूरी लिस्टBPSC TRE 4: 32,388 शिक्षक पदों के लिए आवेदन का नया नोटिस जारी, इस दिन से शुरू होगा रजिस्ट्रेशनजमुई जैसी घटना दरभंगा में दोहराने की कोशिश, परीक्षा देने जा रही नाबालिग छात्रा को जबरन बाइक पर बिठाने का प्रयासनदी के पास झाड़ियों में छिपे थे नंदन यादव और हरेराम यादव, पुलिस पहुंची तो करने लगे फायरिंग; जानिए.. एनकाउंटर की पूरी कहानी

100 रुपये बोरी पर भी प्याज महंगा, खरीदार नहीं मिलने पर नालंदा में किसान फेंकने को मजबूर

NALANDA : लॉकडाउन को लेकर जिले से प्याज का निर्यात नहीं होने से प्याज के कीमतों में भारी गिरावट आ गयी है । कभी 100 रुपये बिकने वाले प्याज की कीमत इतनी नीचे चली गयी है कि पूरे

FirstBihar
Anurag Goel
2 मिनट

NALANDA : लॉकडाउन को लेकर जिले से प्याज का निर्यात नहीं होने से प्याज के कीमतों में भारी गिरावट आ गयी है । कभी 100 रुपये बिकने वाले प्याज की कीमत इतनी नीचे चली गयी है कि पूरे बोरे की कीमत भी 100 रुपये नहीं मिल रही है। खरीदार के अभाव में प्याज सड़ रहे हैं। किसान अब प्याज फेंकने को मजबूर हैं।


बिहारशरीफ के टिकुलीपर, आशानर मोहल्ले समेत कई गावों के किसानों खरीदार नहीं मिलने से प्याज फेंकने को मजबूर है । किसानों की माने तो कुछ दिन पहले तक प्याज 80 से 100 रुपए किलो तक बिक रहा था।ज्यादा मुनाफे की उम्मीद में जिले के अंदर किसानों ने अधिक से अधिक प्याज की बोआई की। उत्पादन भी अच्छा हुआ । इसी बीच लॉकडाउन शुरू हो गया । जिसके बाद शुरुआत में लोग आपाधापी में प्याज को स्टॉक करने लगे । इसके बाद धीरे धीरे कीमत में गिरावट आने लगी।


आज स्थिति यह हो गया है कि 100 रुपए बोरा भी न तो बड़े व्यापारी न ही खुदरा व्यापारी ही किसान से प्याज खरीद रहे है । जिसके कारण किसान प्याज फेंकने को मजबूर है । किसान रीता देवी ने बताया कि कर्ज लेकर  बीज खरीदे थे । अब स्थिति ये है कि खर्च भी निकलना मुश्किल है।गर्मी के कारण घर मे प्याज सड़ने लगा है । इस कारण वे इसे फेंकने को मजबूर है ।


टैग्स
रिपोर्टिंग
P

रिपोर्टर

Pranay Raj

FirstBihar संवाददाता