ब्रेकिंग
इंजीनियर-ठेकेदार गठजोड़ ! पथ प्रमंडल मोतिहारी के 'कार्यपालक अभियंता' से लेकर AE -JE कटघरे में , 20 करोड़ का टेंडर...रात में ढलाई और दिन में दरारें, खबर के बाद काम रोका गया बिहार के सभी 40 पुलिस लाइन में खुलेंगे स्कूल और अस्पताल, पुलिसकर्मियों को सम्राट सरकार की सौगातबिहार में अपराधियों के हौसले बुलंद: विधायक के बेटे को दी हत्या की धमकी, व्हाट्सएप पर भेजा ऑडियो क्लिपबकरीद से पहले कलकत्ता हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, गाय कुर्बानी का हिस्सा नहीं; याचिका खारिजपटना के बाद अब इस जिले में 5वीं तक के सभी स्कूल बंद, 6वीं से 12वीं तक की कक्षाओं का समय बदलाइंजीनियर-ठेकेदार गठजोड़ ! पथ प्रमंडल मोतिहारी के 'कार्यपालक अभियंता' से लेकर AE -JE कटघरे में , 20 करोड़ का टेंडर...रात में ढलाई और दिन में दरारें, खबर के बाद काम रोका गया बिहार के सभी 40 पुलिस लाइन में खुलेंगे स्कूल और अस्पताल, पुलिसकर्मियों को सम्राट सरकार की सौगातबिहार में अपराधियों के हौसले बुलंद: विधायक के बेटे को दी हत्या की धमकी, व्हाट्सएप पर भेजा ऑडियो क्लिपबकरीद से पहले कलकत्ता हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, गाय कुर्बानी का हिस्सा नहीं; याचिका खारिजपटना के बाद अब इस जिले में 5वीं तक के सभी स्कूल बंद, 6वीं से 12वीं तक की कक्षाओं का समय बदला

Vigilance Raid Bihar : सिविल सर्जन कार्यालय में निगरानी का छापा, 20 हजार घूस लेते कर्मचारी गिरफ्तार

सासाराम सदर अस्पताल परिसर स्थित सिविल सर्जन कार्यालय में निगरानी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कर्मचारी को 20 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। कार्रवाई के बाद पूरे कार्यालय में हड़कंप मच गया।

Vigilance Raid Bihar : सिविल सर्जन कार्यालय में निगरानी का छापा, 20 हजार घूस लेते कर्मचारी गिरफ्तार
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

Vigilance Raid Bihar : रोहतास जिले के सासाराम से भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की खबर सामने आई है। शुक्रवार दोपहर सासाराम सदर अस्पताल परिसर स्थित सिविल सर्जन कार्यालय में निगरानी विभाग की टीम ने अचानक छापेमारी कर एक कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद पूरे अस्पताल परिसर और कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।


मिली जानकारी के अनुसार निगरानी विभाग को लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि सिविल सर्जन कार्यालय में कुछ कर्मचारियों द्वारा सरकारी काम कराने के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। इसी शिकायत के आधार पर निगरानी विभाग की टीम ने जाल बिछाया और शुक्रवार को कार्रवाई करते हुए लिपिक सतीश कुमार को 20 हजार रुपए घूस लेते पकड़ लिया।


बताया जा रहा है कि आरोपी कर्मचारी एक व्यक्ति का जरूरी कार्यालयी काम करने के एवज में पैसे की मांग कर रहा था। शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने पूरे मामले का सत्यापन कराया। आरोप सही पाए जाने के बाद टीम ने योजना बनाकर छापेमारी की। जैसे ही कर्मचारी ने रिश्वत की रकम ली, निगरानी विभाग की टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया।


अचानक हुई इस कार्रवाई से सिविल सर्जन कार्यालय में हड़कंप मच गया। कार्यालय में मौजूद कर्मचारी कुछ समझ पाते उससे पहले निगरानी विभाग की टीम आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ करने लगी। छापेमारी की खबर फैलते ही अस्पताल परिसर में लोगों की भीड़ जुट गई और हर तरफ इसी कार्रवाई की चर्चा होने लगी।


सूत्रों के अनुसार निगरानी विभाग की टीम आरोपी कर्मचारी को अपने साथ लेकर गई है, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। टीम यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं इस घूसखोरी के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो काम नहीं कर रहा। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ में कई और अहम खुलासे हो सकते हैं।


निगरानी विभाग के डीएसपी ने बताया कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही पूरे प्रकरण की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और शिकायत मिलने पर लगातार कार्रवाई की जाएगी।


इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग में भी हलचल तेज हो गई है। सरकारी कार्यालयों में रिश्वतखोरी को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठते रहे हैं, लेकिन इस तरह रंगे हाथ गिरफ्तारी होने से विभाग की कार्यप्रणाली पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी दफ्तरों में आम लोगों से काम के बदले पैसे मांगना अब आम बात बन चुकी है और ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है।


सासाराम में हुई इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी पहल माना जा रहा है। निगरानी विभाग की इस कार्रवाई से सरकारी कर्मचारियों में भी डर का माहौल देखा जा रहा है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं।