छपरा: नेपाल में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए बिहार में भी अचानक बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड का खतरा बढ़ गया है। नेपाल से आने वाली नारायणी नदी के जलस्तर में संभावित वृद्धि को देखते हुए सारण जिला प्रशासन ने परसा और मकेर प्रखंड के सीमावर्ती इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है।
संभावित खतरे को देखते हुए बलिगांव, मुरहिया, हसनपुरा, परसौना, परसादी और बनकेरवा समेत नदी किनारे और दियारा क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अलर्ट किया गया है।
गंडक नदी के जलस्तर में संभावित वृद्धि को देखते हुए जिला प्रशासन ने बाढ़ से निपटने की तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव के निर्देश पर स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों ने नदी तट और आसपास के संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया।
सीओ अनुज कुमार, बीडीओ राकेश कुमार और थानाध्यक्ष ओमप्रकाश ने नारायणी नदी के तटवर्ती क्षेत्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने नदी के जलस्तर, बांध और आसपास के इलाकों की स्थिति की जानकारी ली। साथ ही संभावित बाढ़ की स्थिति में राहत और बचाव कार्य को लेकर की गई तैयारियों की भी समीक्षा की।
नदी किनारे माइकिंग कर लोगों को किया जा रहा सतर्क
संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन की ओर से नदी और दियारा क्षेत्रों में माइकिंग कर लोगों को सतर्क किया जा रहा है। ग्रामीणों से नदी के जलस्तर में होने वाले बदलाव पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस को देने की अपील की जा रही है।
सीओ अनुज कुमार ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें। नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि होने की स्थिति में लोगों को अनावश्यक रूप से नदी किनारे या जलभराव वाले इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी गई है।
संवेदनशील इलाकों पर प्रशासन की विशेष नजर
परसा-मकेर के सीमावर्ती इलाकों के साथ-साथ नदी किनारे बसे गांवों पर प्रशासन की विशेष नजर है। अधिकारी लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। संभावित बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और राहत-बचाव कार्य शुरू करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि होने पर दियारा और निचले इलाकों में सबसे पहले परेशानी होती है। ऐसे में समय रहते प्रशासन की ओर से अलर्ट जारी किए जाने और माइकिंग के जरिए लोगों को जागरूक किए जाने से ग्रामीणों को सतर्क रहने में मदद मिल रही है।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क और सुरक्षित रहने तथा नदी के जलस्तर में होने वाले बदलाव की जानकारी केवल प्रशासनिक माध्यमों से लेने की अपील की है।





