ब्रेकिंग
MLC राहुल राज और बंशीधर ब्रजवासी की सदस्यता रद्द करने की मांग, RJD ने सभापति को सौंपा ज्ञापन✦Bihar Ration Card : अब राशन दुकानों पर AI की नजर! 60 हजार PDS दुकानों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार, फर्जी कार्ड और कालाबाजारी पर लगेगी लगाम✦ छठ से पहले प्रशासन का बड़ा एक्शन! KFC-डोमिनोज समेत कई दुकानों पर छापेमारी, गड़बड़ी मिलने पर लगा जुर्माना✦ IG से भिड़ने वाली महिला DSP को बड़ी राहत...सरकार ने दी क्लिनचिट, हाईकोर्ट के आदेश पर दुबारा पक्ष सुना गया, इसके बाद आरोप से किया गया मुक्त ✦बिहार TRE-4 में नौकरी की महाभारत! 33 हजार पदों के लिए 9.95 लाख युवाओं ने ठोकी दावेदारी, एक सीट पर 30 की टक्कर!✦MLC राहुल राज और बंशीधर ब्रजवासी की सदस्यता रद्द करने की मांग, RJD ने सभापति को सौंपा ज्ञापन✦Bihar Ration Card : अब राशन दुकानों पर AI की नजर! 60 हजार PDS दुकानों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार, फर्जी कार्ड और कालाबाजारी पर लगेगी लगाम✦ छठ से पहले प्रशासन का बड़ा एक्शन! KFC-डोमिनोज समेत कई दुकानों पर छापेमारी, गड़बड़ी मिलने पर लगा जुर्माना✦ IG से भिड़ने वाली महिला DSP को बड़ी राहत...सरकार ने दी क्लिनचिट, हाईकोर्ट के आदेश पर दुबारा पक्ष सुना गया, इसके बाद आरोप से किया गया मुक्त ✦बिहार TRE-4 में नौकरी की महाभारत! 33 हजार पदों के लिए 9.95 लाख युवाओं ने ठोकी दावेदारी, एक सीट पर 30 की टक्कर!

हड़ताल पर गए बिहार के इस अस्पताल के डॉक्टर, ठप्प हुई हॉस्पीटल की OPD सेवा; मरीजों की परेशानी बढ़ी

CHHAPRA: अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में छपरा सदर अस्पताल के डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं। डॉक्टरों के हड़ताल पर चले जाने के कारण सदर अस्पताल की ओपीडी सेवा बाधित हो गई है, जिसके ब

हड़ताल पर गए बिहार के इस अस्पताल के डॉक्टर, ठप्प हुई हॉस्पीटल की OPD सेवा; मरीजों की परेशानी बढ़ी
Mukesh Srivastava
2 मिनट

CHHAPRA: अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में छपरा सदर अस्पताल के डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं। डॉक्टरों के हड़ताल पर चले जाने के कारण सदर अस्पताल की ओपीडी सेवा बाधित हो गई है, जिसके बाद मरीज और उनके परिजनों में अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया है। 


दरअसल, छपरा सदर अस्पताल के डॉक्टर सोमवार से हड़ताल पर चले गए और अस्पताल की ओपीडी को ठप्प कर दिया है। हड़ताली डॉक्टरों की माने तो उनसे चौबीसों घंटे काम लिया जाता है लेकिन पिछले दो महीने से उनका वेतन रोक दिया गया है। वेतन रोकने की वजह बायोमेट्रिक से हाजरी नहीं बनाना बताता जा रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें इमरजेंसी, ओपीडी की ड्यूटी के अलावा पोस्टमार्टम, दुर्घटनाग्रस्त मरीज की इंजुरी और कोर्ट के कार्यों में शामिल होना पड़ता है जिसकी वजह से बायोमेट्रिक अटेंडेंस बना पाना मुश्किल है।


हड़ताली डॉक्टरों की मांग है कि उन्हें अस्पताल परिसर में ही आवास की सुविधा दी जाए और उनकी कार्य अवधि का निर्धारण किया जाए। ओपीडी ठप्प कर हड़ताल पर बैठे डॉक्टरों से अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. एसडी सिंह ने वार्ता कर आंदोलन को खत्म कर ओपीडी सेवा शुरू करने की अपील की तो डॉक्टरों ने आन्दोलन स्थल पर ही मरीजों को देखना शुरू कर दिया है।