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फर्जी घोषित होने के बाद भी लेडी टीचर का बड़ा खेल, वर्षों तक लेती रही वेतन

SARAN : जिले में एक बड़े खेल का पर्दाफाश हुआ है. फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी कर रही एक लेड़ी टीचर ने हाईकोर्ट के आदेश के बाद इस्तीफा तो दे दिया, लेकिन इसके बाद भी फर्जीवाड़ा का खेल जारी रहा. स्कू

FirstBihar
Anamika
2 मिनट

SARAN : जिले में एक बड़े खेल का पर्दाफाश हुआ है. फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी कर रही एक लेड़ी टीचर ने हाईकोर्ट के आदेश के बाद इस्तीफा तो दे दिया, लेकिन इसके बाद भी फर्जीवाड़ा का खेल जारी रहा. स्कूल के अधिकारियों से मिलकर वर्षों  वेतन उठाती रही. 

मशरक प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अशोक कुमार सिंह ने मशरख थाना में आवेदन दिया जिसमें प्रखंड शिक्षिका द्वारा फर्जी घोषित होने के बाद एक पत्र देने के बाद भी पूर्व प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी और प्रधानाचार्य से मिलीभगत कर वर्षों तक सरकारी राशि वेतन के रूप में गबन करने का मामला दर्ज कराया गया. इस मामले में मसरख थाना अध्यक्ष रत्नेश कुमार वर्मा ने कांड संख्या 329/ 20  दर्ज कर मामले में जांच शुरू कर दी गई है.

 मामले में दिए आवेदन में कहा गया कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद उत्क्रमित मध्य विद्यालय जजौली में कार्यरत शिक्षिका चंदा कुमारी ने से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद भी प्रधानाचार्य संजीव कुमार और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी लखन पासवान की मिलीभगत से त्यागपत्र के  वर्षों तक विद्यालय में कार्यरत दिखा दिया और वेतन भुगतान प्रस्ताव जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना कार्यालय को भेज वेतन प्राप्त कर लिया.