ब्रेकिंग
राहुल गांधी का पटना दौरा रद्द, 15 जुलाई का छात्र सम्मेलन भी स्थगित; सामने आई यह बड़ी वजहPMCH में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल खत्म, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की पहल का असर; अधीक्षक को किया था तलबनेपाल की बारिश का बिहार में असर: तिरहुत की नदियों का जलस्तर बढ़ा, संभावित बाढ़ को लेकर आयुक्त ने जिलों को दिए सख्त निर्देशकब जारी होगा BPSC TRE4 का नोटिफिकेशन? शिक्षक बहाली पर शिक्षा मंत्री ने दिया यह जवाबBihar News: DDC ने पत्नी के नाम पर करोड़ों की संपत्ति अर्जित की और छुपा लिया...SVU की छापेमारी में खुली थी पोल, निलंबित अफसर के खिलाफ शुरू हुआ डिपार्टमेंटल प्रोसिडिंग राहुल गांधी का पटना दौरा रद्द, 15 जुलाई का छात्र सम्मेलन भी स्थगित; सामने आई यह बड़ी वजहPMCH में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल खत्म, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की पहल का असर; अधीक्षक को किया था तलबनेपाल की बारिश का बिहार में असर: तिरहुत की नदियों का जलस्तर बढ़ा, संभावित बाढ़ को लेकर आयुक्त ने जिलों को दिए सख्त निर्देशकब जारी होगा BPSC TRE4 का नोटिफिकेशन? शिक्षक बहाली पर शिक्षा मंत्री ने दिया यह जवाबBihar News: DDC ने पत्नी के नाम पर करोड़ों की संपत्ति अर्जित की और छुपा लिया...SVU की छापेमारी में खुली थी पोल, निलंबित अफसर के खिलाफ शुरू हुआ डिपार्टमेंटल प्रोसिडिंग

बिहार में बड़ा रेल हादसा टला: दो हिस्सों में बंट गई तेज रफ्तार मालगाड़ी, इंजन आगे निकल गई; स्टेशन पर ही रह गए 32 डिब्बे

CHHAPRA: बिहार में शनिवार को एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। सोनपुर-छपरा रेलखंड पर बड़ा गोपाल स्टेशन और गोल्डिनगंज स्टेशन के बीच एक मालगाड़ी दो हिस्सों में बंट गई। मालगाड़ी का

बिहार में बड़ा रेल हादसा टला: दो हिस्सों में बंट गई तेज रफ्तार मालगाड़ी, इंजन आगे निकल गई; स्टेशन पर ही रह गए 32 डिब्बे
Mukesh Srivastava
2 मिनट

CHHAPRA: बिहार में शनिवार को एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। सोनपुर-छपरा रेलखंड पर बड़ा गोपाल स्टेशन और गोल्डिनगंज स्टेशन के बीच एक मालगाड़ी दो हिस्सों में बंट गई। मालगाड़ी का इंजन 32 डिब्बों को छोड़कर 8 डिब्बों के साथ करीब 10 किलोमीटर आगे निकल गया। इस घटना के बाद रेलकर्मियों में हड़कंप मच गया। 


जानकारी के मुताबिक, बड़ा गोपाल स्टेशन से मालगाड़ी छपरा की तरफ जाने के लिए खुली थी। इसी दौरान बड़ा गोपाल स्टेशन और गोल्डिनगंज स्टेशन के बीच मालगाड़ी की कपलिंग टूट गई। जिसके बाद ट्रेन दो हिस्सों में बंट गई। ट्रेन का ड्राइवर इंजन और 8 डिब्बों को लेकर आगे निकल गया और मालगाड़ी के 32 डिब्बे स्टेशन पर ही रह गए।


इस घटना की जानकारी जैसे ही रेल अधिकारियों को हुई उनमें हड़कंप मच गया। तुरंत घटना की जानकारी गोल्डिनगंज स्टेशन को दी गई। जिसके बाद मालगाड़ी के गोल्डिनगंज स्टेशन पहुंचने के बाद उसे रोक दिया गया। तब जाकर रेलकर्मियों की जान में जान आई। गनीमत की बात रही कि इस दौरान कोई हादसा नहीं हुआ। बड़ा संयोग है कि छपरा में ब्लाकिंग के कारण अधिकांश ट्रेन रद्द हैं और उस वक्त किसी ट्रेन का समय भी नहीं था।