बिहार की राजनीति में आज का दिन बेहद अहम और ऐतिहासिक माना जा रहा है। राज्य को कुछ ही देर में नया मुख्यमंत्री मिलने जा रहा है, जब सम्राट चौधरी बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह से ठीक पहले सम्राट चौधरी राजधानी पटना के राजवंशी नगर स्थित प्रसिद्ध हनुमान मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और भगवान से बिहार की सुख-समृद्धि, शांति और विकास के लिए प्रार्थना की।'
मंदिर परिसर में सम्राट चौधरी के पहुंचते ही समर्थकों और स्थानीय लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। “जय श्रीराम” और “सम्राट चौधरी जिंदाबाद” के नारों से पूरा माहौल गूंज उठा। पूजा के दौरान उन्होंने प्रदेश की जनता के लिए बेहतर शासन और विकास का संकल्प लिया। मंदिर में उन्होंने कुछ समय ध्यान भी लगाया और राज्य के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
हनुमान मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद सम्राट चौधरी सीधे लोक भवन के लिए रवाना हो गए, जहां भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया है। इस समारोह में राज्यपाल द्वारा उन्हें मुख्यमंत्री पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई जाएगी। समारोह में एनडीए के कई वरिष्ठ नेता, विधायक, सांसद और बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहने की संभावना है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
सम्राट चौधरी का मुख्यमंत्री बनना कई मायनों में खास माना जा रहा है। यह पहली बार है जब भारतीय जनता पार्टी का कोई नेता बिहार की कमान संभालने जा रहा है। राजनीतिक जानकार इसे राज्य की राजनीति में एक बड़े बदलाव के रूप में देख रहे हैं। सम्राट चौधरी के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती राज्य में विकास कार्यों को गति देना, कानून-व्यवस्था को मजबूत करना और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना होगा।
शपथ ग्रहण से पहले सम्राट चौधरी ने अपने समर्थकों और बिहार की जनता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी उनके लिए एक बड़ा दायित्व है और वह पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ राज्य की सेवा करेंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि उनकी सरकार “सबका साथ, सबका विकास” के मंत्र पर काम करेगी। अब सभी की नजरें शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी हैं, जहां से बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत होने जा रही है।






