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SAMASTIPUR: 3 लाख के लिए प्रेग्नेंट लेडी को हफ्तेभर बनाया बंधक, आरजेडी विधायक की दखल के बाद मुक्त हुईं महिला

समस्तीपुर में 3 लाख रुपये के लिए महिला मरीज को एक सप्ताह तक बंधक बनाए रखा गया। आरजेडी विधायक की दखल और पुलिस कार्रवाई के बाद प्राइवेट हॉस्पिटल से महिला को मुक्त कराया गया।

बिहार
नवजात जुड़वा बच्चों की मौत
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

SAMASTIPUR: समस्तीपुर के एक निजी हॉस्पिटल में तीन लाख रुपये के लिए एक महिला मरीज को हफ्तेभर से बंधक बनाकर रखने का मामला सामने आया है। इस बात की जानकारी जब आरजेडी विधायक को मिली वो पुलिस टीम के साथ अस्पताल पहुंच गये और फिर महिला को मुक्त कराया।


मिली जानकारी के अनुसार समस्तीपुर प्रखंड के कर्पूरी ग्राम पंचायत के डढ़िया बेलार, वार्ड संख्या-15 के रहने वाले राजेन्द्र पासवान की पुत्री सुमन देवी को प्रसव पीड़ा के बाद आशा कार्यकर्ता द्वारा शहर के मोहनपुर रोड स्थित एक निजी अस्पताल 'यूनिटी इमरजेंसी हॉस्पिटल' में 2 सितंबर को भर्ती कराया गया था l तीन दिनों के बाद महिला ने जुड़वा बच्चे को जन्म दिया लेकिन जुड़वा बच्चे को बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल में रेफर कर दिया गया l जहां दोनों नवजात की मौत हो गयी। 


लेकिन मरीज का इलाज यूनिटी इमरजेंसी हॉस्पिटल में जारी रहा l अस्पताल प्रबंधक के द्वारा मरीज का आर्थिक शोषण जारी रहा l मरीज के पिता राजेन्द्र पासवान ने अपनी भैंस बेच कर पैसा अस्पताल प्रबंधक को दिया l लेकिन उसके बाद भी मरीज को छोड़ा नहीं गया l अस्पताल प्रबंधक द्वारा बार-बार पैसे के लिए दबाव बनाया जाता रहा l लाचार होकर राजेन्द्र पासवान द्वारा चंदा तथा भीख मांग कर भी पैसा दिया गया l इस प्रकार राजेन्द्र पासवान ने अस्पताल को लगभग 90 हजार रूपये का भुगतान किया लेकिन अस्पताल प्रबंधक के द्वारा मरीज को छोड़ा नहीं जा रहा था l 


पैसे की लालच में अस्पताल प्रबंधक द्वारा एक सप्ताह से जबरन मरीज को कैद करके रखने की शिकायत पीड़ित राजेन्द्र पासवान ने स्थानीय विधायक अख्तरुल इस्लाम शाहीन को आवेदन देकर  किया तथा न्याय की गुहार लगाई l जिसके बाद विधायक अख्तरुल इस्लाम शाहीन ने इसकी सूचना नगर थानाध्यक्ष समस्तीपुर को देकर अस्पताल में कैद मरीज को मुक्त कराने की मांग की l 


पीड़ित परिजनों तथा पुलिस बल को लेकर स्थानीय विधायक अस्पताल गए तथा अस्पताल प्रबंधक डाo मयंक राज को कड़ी फटकार लगाई और मरीज को वहां से मुक्त करायाl इसके बाद विधायक उस मरीज को लेकर सदर अस्पताल गए तथा उसका इलाज शुरू कराया l विधायक ने घटना पर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि जिले में  दर्जनों अस्पताल बिना निबंधन के चल रहे है l इस तरह के निजी अस्पतालों में सुविधाओं का घोर अभाव है l


 चिकित्सक नहीं रहते है जरूरत पड़ने पर बाहर से चिकित्सकों को बुलाया जाता है l उनकी लापरवाही से लगातार मरीजों की जान भी जा रही है l लेकिन स्वास्थ्य विभाग कोई करवाई नहीं कर रही है l ऐसे अस्पतालों को तुरंत बंद किया जाना चाहिए l विधायक ने मांग किया कि जिले में बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को सुचारू किया जाना चाहिए l 



रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

RAMESH SHANKAR

FirstBihar संवाददाता