ब्रेकिंग
तमिलनाडु में सरकार गठन पर फिर फंसा पेंच: विजय के शपथ पर ग्रहण, VCK ने रख दी बड़ी शर्त; स्टालिन के साथ IUMLबिहार में डबल मर्डर से हड़कंप: एक ही घर के दो कमरों से देवरानी-जेठानी के शव बरामद, ससुरालवाले फरारअब किसे शाहजादा और युवराज बतायेंगे पीएम मोदी! तेजस्वी यादव ने सम्राट कैबिनेट के 17 मंत्रियों की लिस्ट जारी कर परिवारवादी बतायापश्चिम बंगाल में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह कल, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी होंगे शामिलकौन हैं शुभेंदु अधिकारी जो बनने जा रहे हैं बंगाल के नए सीएम: जानिए उनका पूरा सियासी सफरतमिलनाडु में सरकार गठन पर फिर फंसा पेंच: विजय के शपथ पर ग्रहण, VCK ने रख दी बड़ी शर्त; स्टालिन के साथ IUMLबिहार में डबल मर्डर से हड़कंप: एक ही घर के दो कमरों से देवरानी-जेठानी के शव बरामद, ससुरालवाले फरारअब किसे शाहजादा और युवराज बतायेंगे पीएम मोदी! तेजस्वी यादव ने सम्राट कैबिनेट के 17 मंत्रियों की लिस्ट जारी कर परिवारवादी बतायापश्चिम बंगाल में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह कल, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी होंगे शामिलकौन हैं शुभेंदु अधिकारी जो बनने जा रहे हैं बंगाल के नए सीएम: जानिए उनका पूरा सियासी सफर

Bihar School News: कैसे पढ़-लिखकर होशियार बनेंगे बिहार के बच्चे? हेडमास्टर ने नदी में फेंक दी किताबें

Bihar School News: बिहार के सहरसा से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां स्कूल के हेडमास्टर ने सरकार द्वारा भेजी गई किताबों को बच्चों के बीच वितरित करने के बजाए उसे नदी में फेंक दिया.

Bihar School News
हेडमास्टर का कारनामा
© reporter
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar School News: बिहार के सहरसा स्थित महिषी प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय कुंदह के प्रधानाध्यापक द्वारा छात्रों के लिए भेजी गई पाठ्यपुस्तकों को कोसी नदी में बहाने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर महिषी के प्रखंड विकास पदाधिकारी सुशील कुमार ने जलई थाना में एफआईआर दर्ज कराया है।


जानकारी के अनुसार, वर्ष 2024-25 के शैक्षणिक सत्र के लिए छात्रों को वितरित की जाने वाली किताबें हेडमास्टर सुरेश कुमार द्वारा जानबूझकर नदी में फेंकी गईं। जांच के दौरान दो बोरे भीगी हुई किताबें बरामद की गईं, जबकि चार बोरे नदी की तेज धारा में बह गए। घटना उस वक्त उजागर हुई जब विद्यालय के कक्षा आठ के दो छात्र, सनमोल कुमार और मनीष कुमार, नदी किनारे घूम रहे थे। 


उन्होंने देखा कि कुछ किताबें नदी में बह रही हैं। छात्रों के शोर मचाने पर ग्रामीण रतन सादा ने नदी में उतर कर दो बोरे किताबें बाहर निकालीं। स्थानीय ग्रामीणों ने इस घटना के लिए सीधे तौर पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक सुरेश कुमार को जिम्मेदार ठहराया है। पूछताछ के दौरान सुरेश कुमार ने दावा किया कि स्कूल में कमरों की कमी के कारण उन्हें ऐसा करना पड़ा।


बीडीओ ने जांच के बाद कहा कि प्रधानाध्यापक की यह हरकत छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है और सरकारी संपत्ति को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने, पद के दुरुपयोग और सरकारी राशि के गबन की श्रेणी में आता है। पिछले शैक्षणिक सत्र में विद्यालय में कक्षा 1 से 8 तक कुल 354 छात्रों के नामांकन के बावजूद मात्र 220 छात्रों को ही किताबें वितरित की गईं थीं। बीडीओ के लिखित आवेदन पर हेडमास्टर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

रिपोर्टिंग
R

रिपोर्टर

RITESH HUNNY

FirstBihar संवाददाता

संबंधित खबरें