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सहरसा में मरीज की मौत पर बवाल, निजी अस्पताल में परिजनों ने किया तोड़फोड़-हंगामा

सहरसा के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान युवक की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने ऑक्सीजन नहीं मिलने और अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही का आरोप लगाते हुए तोड़फोड़ की।

बिहार न्यूज
मौत पर हंगामा
© रिपोर्टर
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

SAHARSA: सहरसा के सदर थाना क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान युवक की मौत के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कई घंटे तक हंगामा किया और अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ की। 


मृतक की पहचान महिषी थाना क्षेत्र निवासी संतोष झा के 30 वर्षीय पुत्र बालकृष्ण झा उर्फ सोनू कुमार के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही और समय पर ऑक्सीजन नहीं मिलने के कारण युवक की जान गई है। इस घटना से आक्रोशित लोगों ने अस्पताल में करीब तीन घंटे तक कामकाज ठप रखा और जमकर बवाल काटा। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, सोनू कुमार तीन भाईयों में सबसे बड़ा था और फिलहाल बेरोजगार था। 


बीते 28 मई को वह बनगांव थाना क्षेत्र में बाइक से अपने घर वापस लौट रहा था। इसी दौरान बाईक अनियंत्रित होकर गिर गई, जिससे उसके सिर में गंभीर चोटें आईं। आनन-फानन में उसे सहरसा शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका ईलाज चल रहा था। बुधवार को ईलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सोनू की मौत की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण उग्र हो गए। 


परिजनों का सीधा आरोप है कि डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की घोर लापरवाही के कारण सोनू की जान गई है। अगर उसे समय पर ऑक्सीजन मिल जाती, तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। इस बात से गुस्साए लोगों ने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया, जिससे अस्पताल की सामान्य व्यवस्थाएं पूरी तरह ठप हो गईं। 


घटना की सूचना मिलते ही सहरसा सदर थाने की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और आक्रोशित परिजनों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। हालांकि, परिजनों का गुस्सा शांत नहीं हुआ और दोपहर बाद उन्होंने अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ शुरू कर दी। अस्पताल में अफरा - तफरी का माहौल बन गया। पुलिस बल स्थिति को नियंत्रित करने और मामले की जांच में जुटी हुई है।