Bihar News: बिहार के सहरसा सदर अस्पताल से सामने आया एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो ने अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो कथित तौर पर सदर अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस का बताया जा रहा है, जहां दो आवारा कुत्ते अंदर रखे एक प्लास्टिक के डब्बे को नोचते और खींचते नजर आ रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि उस डब्बे में पोस्टमार्टम के दौरान सुरक्षित रखा गया बिसरा मौजूद था।
हालांकि इस वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है, लेकिन वीडियो सामने आने के बाद लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। सोशल मीडिया पर लोग स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं और इसे बड़ी लापरवाही बता रहे हैं।
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पोस्टमार्टम हाउस के भीतर दो आवारा कुत्ते खुलेआम घूम रहे हैं और प्लास्टिक के एक कंटेनर को मुंह से खींच रहे हैं। इसी दौरान वहां मौजूद अस्पतालकर्मी अपने काम में व्यस्त दिखाई देते हैं। एक कर्मचारी कुत्तों को भगाने की कोशिश भी करता है, लेकिन कुत्ते बेखौफ होकर वहीं डटे रहते हैं। इस दृश्य ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, पोस्टमार्टम के दौरान सुरक्षित रखा जाने वाला “बिसरा” किसी भी संदिग्ध मौत, हत्या या आत्महत्या के मामले में बेहद महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जाता है। फॉरेंसिक जांच के लिए शरीर से लिए गए नमूनों को सुरक्षित रखा जाता है ताकि मौत की असली वजह का पता लगाया जा सके। ऐसे में अगर बिसरा के साथ छेड़छाड़ हो जाए या वह क्षतिग्रस्त हो जाए, तो पूरी जांच प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इससे न्यायिक कार्रवाई पर भी असर पड़ने की आशंका रहती है।
घटना सामने आने के बाद सहरसा सदर अस्पताल प्रशासन पर सवालों की बौछार शुरू हो गई है। लोगों का कहना है कि पोस्टमार्टम हाउस जैसी संवेदनशील जगह पर अगर आवारा जानवर आसानी से पहुंच जा रहे हैं, तो यह बेहद गंभीर मामला है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि पोस्टमार्टम हाउस की हालत लंबे समय से खराब है। खिड़कियां टूटी हुई हैं और दरवाजे ठीक से बंद नहीं होते, जिसके कारण आए दिन आवारा पशु अंदर घुस जाते हैं।
मामले पर सिविल सर्जन डॉ. राज नारायण प्रसाद ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने माना कि पोस्टमार्टम हाउस काफी जर्जर स्थिति में है। उन्होंने कहा कि आवारा कुत्तों के अंदर घुसने की घटना हुई थी और इस मामले को गंभीरता से लिया गया है। संबंधित कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।
इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ गई है। सोशल मीडिया पर कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब अस्पताल प्रशासन पोस्टमार्टम हाउस जैसी महत्वपूर्ण जगह की सुरक्षा नहीं कर पा रहा, तो आम मरीजों की सुरक्षा का क्या हाल होगा।
फिलहाल वायरल वीडियो को लेकर प्रशासनिक स्तर पर जांच की बात कही जा रही है। वहीं स्थानीय लोग पोस्टमार्टम हाउस की मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की शर्मनाक स्थिति दोबारा सामने न आए।





