SAHARSA: सहरसा जिले के अनन्य विशेष न्यायालय (उत्पाद-I) ने कोडीनयुक्त कफ सिरप के काले कारोबार के खिलाफ एक नज़ीर पेश करने वाला फैसला सुनाया है। अदालत ने प्रतिबंधित कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी के आरोपी कौशिक आनंद को दोषी ठहराते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही आरोपी पर 5 लाख रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है।
कोर्ट ने साफ किया है कि यदि जुर्माना राशि जमा नहीं की गई, तो दोषी को 18 महीने की अतिरिक्त जेल भुगतनी होगी। मामला उत्पाद थाना कांड संख्या 477/2023 से जुड़ा है। बीते 18 अगस्त 2023 को उत्पाद विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि सदर थाना क्षेत्र के गांधीपथ हाथी टोला (वार्ड-39) स्थित बजरंगबली मंदिर के पास कोडीनयुक्त कफ सिरप तस्करी कर लाई जा रही हैं।
पुलिस जब मौके पर पहुंची तो आरोपी कौशिक आनंद हाथ में प्लास्टिक का झोला लेकर भागने लगा। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे दौड़ाकर दबोच लिया। आरोपी से पूछताछ के बाद पास ही स्थित बांस के बीट (झाड़ियों) से 180 बोतलें (कुल 20 लीटर) प्रतिबंधित कोडीनयुक्त कफ सिरप बरामद की गईं। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश विवेक विशाल की अदालत में हुई।
विशेष लोक अभियोजक राजीव रंजन पाण्डेय ने कुल 6 गवाहों के बयान, दस्तावेजी सबूत और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य अदालत के सामने पेश किए, जिसने मामले को संदेह से परे साबित कर दिया। बचाव पक्ष के वकीलों (श्री संजीव कुमार व श्री शारदाकांत झा) की दलीलों को खारिज करते हुए कोर्ट ने माना कि आरोपी पर लगे सभी आरोप पूरी तरह सच हैं। अदालत के संज्ञान में यह बात भी आई कि आरोपी कौशिक आनंद का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और वह पहले भी कोडीनयुक्त कफ सिरप रखने के मामले में सजायाफ्ता होकर जेल में बंद है।





