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रोहतास के नहरों में पानी की कमी से किसान परेशान, धान की रोपनी पर मंडराया संकट

रोहतास जिले में नहरों के अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंचने से किसान परेशान हैं। धान की रोपनी का समय नजदीक है, लेकिन सकला रजवाहा नहर में पर्याप्त पानी नहीं मिलने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।

बिहार न्यूज
धान की रोपनी प्रभावित
© रिपोर्टर
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

ROHTAS: रोहतास जिले में नहरों के अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंचने से किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धान की खेती के लिए किसानों ने बिचड़ा तैयार कर लिया है, लेकिन सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिलने से वो काफी चिंतित हैं।


मिली जानकारी के अनुसार, डेहरी क्षेत्र की सकला रजवाहा नहर में पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। इसके कारण किसानों को सिंचाई में गंभीर संकट का सामना करना पड़ रहा है। नहर के किनारे स्थित खेतों के किसान किसी तरह सिंचाई कर पा रहे हैं, लेकिन नहर से दूर स्थित खेतों वाले किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। काराकाट प्रखंड क्षेत्र के कई गांवों के किसान पानी की कमी से खासे परेशान हैं। बडीहा से सकला तक जाने वाली सकला रजवाहा नहर में पानी का स्तर काफी कम है, जिससे धान की रोपनी प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।


गौरतलब है कि इस क्षेत्र के किसानों को इंद्रपुरी स्थित सोन बराज से पानी की आपूर्ति की जाती है। इस संबंध में सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता अजय कुमार सिंह ने बताया कि फिलहाल नहरों में पानी छोड़ने के लिए 7 हजार क्यूसेक पानी उपलब्ध हुआ है। इसमें से पश्चिमी संयोजन नहर में 3 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जबकि अन्य नहरों में भी लगातार पानी की आपूर्ति की जा रही है।


मुख्य अभियंता ने बताया कि सोन नदी में पानी की आपूर्ति के लिए दो स्थानों से समझौता किया गया है। इसके तहत मध्य प्रदेश के बाणसागर से 1 मिलियन एकड़ फीट तथा उत्तर प्रदेश के रिहंद परियोजना से 2.5 मिलियन एकड़ फीट पानी उपलब्ध कराया जाना है। उन्होंने कहा कि यदि कहीं कोई समस्या उत्पन्न हो रही है, तो उसे समय रहते दूर कर लिया जाएगा। बता दें कि रोहतास जिले को बिहार का "धान का कटोरा" कहा जाता है। ऐसे में यदि धान रोपनी के समय ही पानी का संकट गहराता है, तो किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

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