DESK: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राज्यसभा सांसद संजय यादव ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के दौरान न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में भारत का पक्ष रखा। UNGA की दूसरी समिति में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, वैश्वीकरण और अंतरराष्ट्रीय प्रवास से जुड़े विषयों पर हुई संयुक्त चर्चा में उन्होंने डिजिटल तकनीक, विकासशील देशों के अवसरों और सुरक्षित प्रवास जैसे मुद्दों पर जोर दिया।
AI और नई तकनीक से डिजिटल असमानता कम करने पर जोर
संजय यादव ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नई तकनीकों का इस्तेमाल डिजिटल असमानता यानी डिजिटल डिवाइड को कम करने के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने वित्तीय समावेशन और सार्वजनिक सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के अनुभव का लाभ उठाने की बात कही।
विकासशील देशों को समान अवसर देने की अपील
चर्चा के दौरान उन्होंने विकासशील देशों के लिए व्यापार, नवाचार और वैश्विक वैल्यू चेन में आगे बढ़ने के समान अवसर सुनिश्चित करने पर जोर दिया। साथ ही, वैश्विक आर्थिक फैसले लेने की प्रक्रिया में इन देशों की भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता भी बताई।
सुरक्षित प्रवास और भारतीय प्रवासियों की सहायता का मुद्दा
संजय यादव ने सुरक्षित और व्यवस्थित अंतरराष्ट्रीय प्रवास को बढ़ावा देने की बात कही। इस संदर्भ में उन्होंने भारत के 'मदद' (MADAD) पोर्टल, कौशल विकास कार्यक्रमों, विदेश जाने से पहले दिए जाने वाले ओरिएंटेशन और द्विपक्षीय प्रवास एवं मोबिलिटी समझौतों का उल्लेख किया। इन पहलों के जरिए विदेश में रहने वाले भारतीयों की समस्याओं और शिकायतों के समाधान को महत्वपूर्ण बताया।
डिजिटल पेमेंट से रेमिटेंस की लागत घटाने पर बल
उन्होंने आसान और एक-दूसरे के साथ काम करने में सक्षम डिजिटल भुगतान प्रणालियों के माध्यम से रेमिटेंस की लागत कम करने पर भी जोर दिया। रेमिटेंस का अर्थ विदेश में काम करने वाले लोगों द्वारा अपने परिवार या देश में भेजी जाने वाली रकम से है।
संजय यादव की ओर से उठाए गए इन मुद्दों में डिजिटल समावेशन, विकासशील देशों की आर्थिक भागीदारी, प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा और कम लागत वाले अंतरराष्ट्रीय भुगतान जैसे विषय शामिल रहे।





