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दलाल रिशु श्री से संबंधित अधिकारियों पर बिहार सरकार मेहरबान: ईडी की जांच में आरोपी अधिकारियों को मिली मलाईदार पोस्टिंग

रिशु श्री केस में ED की जांच के दायरे में आए कुछ IAS अधिकारियों को नई ट्रांसफर-पोस्टिंग में अहम जिम्मेदारियां मिलने पर सवाल उठ रहे हैं। ED की रिपोर्ट में जिन अधिकारियों के नामों है, उन्हें सरकार द्वारा अहम पदों पर तैनात किए जाने पर चर्चा तेज है।

Rishu Shri Case Bihar
आरोपी अधिकारियों को मलाईदार पोस्टिंग
© Google
Mukesh Srivastava
5 मिनट

PATNA: बिहार पुलिस की स्पेशल विजलेंस यूनिट (SVU) ने शुक्रवार की सुबह दो आईएएस अधिकारियों योगेश कुमार सागर और अभिलाषा कुमारी शर्मा के घरों पर छापेमारी की. दोनों अधिकारियों पर बिहार सरकार के सबसे बड़े दलाल माने जाने वाले रिशु श्री से लाभ लेने का आरोप है. लेकिन एक दिन पहले यानि गुरूनार की रात सम्राट चौधरी सरकार ने बड़े पैमाने पर आईएएस अधिकारियों का ट्रांसफर किया था. इस ट्रांसफर पोस्टिंग में वैसे आईएएस अधिकारियो को मलाईदार जगह पर तैनात कर दिया गया, जिन पर रिशु श्री मामले में बेहद गंभीर आरोप लगे हैं. 


आनंद किशोर पर कोई कार्रवाई नहीं

प्रवर्तन निदेशालय यानि ईडी ने रिशु श्री मामले की जांच में सबसे गंभीर आरोप आईएएस अधिकारी आनंद किशोर पर लगे हैं. ईडी ने अपनी जांच रिपोर्ट में स्पष्ट तौर पर लिखा है कि आनंद किशोर से साठगांठ कर रिशु श्री ने बड़े पैमाने पर टेंडर घोटाला किया. ईडी की जांच रिपोर्ट के मुताबिक रिशु श्री ने नगर विकास विभाग में करीब पांच हजार करोड़ का टेंडर मैनेज कर 260 करोड़ रूपये से ज्यादा का कमीशन वसूला.


ईडी की जांच रिपोर्ट में गंभीर आरोप

ईडी ने अपने रिपोर्ट में कहा है कि रिशु श्री नगर विकास विभाग में घोटाले को तब अंजाम दे रहा था जब आनंद किशोर विभाग के प्रधान सचिव थे. ईडी की रिपोर्ट में ये भी बात सामने आयी है कि रिशु श्री ने आनंद किशोर की मदद से मुमुक्षु चौधरी नामक अधिकारी को सीतामढ़ी नगर निगम का नगर आयुक्त बनाया और इसके एवज में 25 लाख रूपये लिये. मुमुक्षु चौधरी ने अपनी पोस्टिंग के बाद रिशु श्री को कई टेंडर भी दिये. 


ईडी की रिपोर्ट में उल्लेख है कि आनंद किशोर ने खुद सीतामढ़ी के डीएम को कॉल कर मुमुक्षु चौधरी को नगर आयुक्त का प्रभार देने को कहा था. मुमुक्षु चौधरी ने ईडी के समक्ष दिये गए बयान में कहा है कि रिशु श्री कहता था कि आनंद किशोर उसके भईया हैं और हमेशा उसकी मदद करते हैं. 


रिशु श्री के पास थे गोपनीय दस्तावेज

ईडी ने रिशु  श्री के मोबाइल फोन से नगर विकास विभाग के ठेके से जुड़े कई गोपनीय दस्तावेज बरामद किये थे. उसके मोबाइल से बिहार मास्टर प्लान का बेहद गोपनीय फाइल भी बरामद हुआ था. ये कागजात उस दौर के थे, जब आनंद किशोर नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव या अपर मुख्य सचिव हुआ करते थे.


आनंद किशोर पर अब भी मेहरबानी

गुरूवार की रात यानि 18 जून को किये गये ट्रांसफर पोस्टिंग में राज्य सरकार ने आनंद किशोर को बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष पद से हटा दिया लेकिन वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग का अपर मुख्य सचिव बनाये रखा. जाहिर है आनंद किशोर अब भी सरकार के मुख्य धारा के अधिकारी बने हुए हैं. सत्ता के गलियारे में आनंद किशोर पर सरकारी मेहरबानी पर कई तरह की चर्चायें हो रही हैं.


दूसरे आरोप अधिकारी पर मेहरबानी बरसी

ईडी की जांच रिपोर्ट में बिहार के एक और आईएएस अधिकारी धर्मेंद्र कुमार का जिक्र है. ईडी के मुताबिक रिशु श्री ने धर्मेंद्र कुमार को परिवार के साथ यूरोप की सैर कराया था. ये तब हुआ था जब धर्मेंद्र कुमार बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (BMSICL) के मैनेजिंग डायरेक्टर थे. ईडी की रिपोर्ट के मुताबिक धर्मेंद्र कुमार के विदेश भ्रमण के लिए रिशु श्री ने 10 लाख रूपये मूल्य के डॉलर का भी इंतजाम किया था. 


सरकार ने मलाईदार पद सौंपा

रिशु श्री से लाभ लेने के गंभीर आरोप में फंसे आईएएस अधिकारी धर्मेंद्र कुमार को बिहार सरकार ने अब बिहार राज्य पुल निर्माण निगम का अध्यक्ष बना दिया है. बता दें कि पुल निर्माण निगम बिहार के तमाम बडे पुल को बनाने का काम करता है. एक साल में इस निगम के जरिये हजारों करोड़ों का काम होता है. रिशु श्री मामले के आरोपी अधिकारी की ऐसे जगह पर पोस्टिंग सरकार पर हजार सवाल खड़े कर रही है.

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता