ब्रेकिंग
‘ढह गया है एजुकेशन सिस्टम’, झारखंड के JPSC-JSSC छात्र आंदोलन पर राहुल गांधी का बड़ा बयानजेन जी हमारी पीढ़ी से ज्यादा ईमानदार और देशभक्त, उन्हें चाहिए तार्किक जवाब, मोहन भागवत का बड़ा बयान..“Gen Z हमारे अपने लोग हैं”मंत्री दीपक प्रकाश बने MLC, बिहार विधान परिषद में सभापति ने दिलाई शपथ; पिता उपेंद्र कुशवाहा समेत NDA नेता रहे मौजूदRJD ने बिहार की सभी सांगठनिक इकाइयां की भंग, जल्द होगा पुनर्गठन दो हजार रूपये घूस लेने वाले हेडमास्टर को 3 साल की सजा और जुर्माना, विजिलेंस कोर्ट ने सुनाया फैसला‘ढह गया है एजुकेशन सिस्टम’, झारखंड के JPSC-JSSC छात्र आंदोलन पर राहुल गांधी का बड़ा बयानजेन जी हमारी पीढ़ी से ज्यादा ईमानदार और देशभक्त, उन्हें चाहिए तार्किक जवाब, मोहन भागवत का बड़ा बयान..“Gen Z हमारे अपने लोग हैं”मंत्री दीपक प्रकाश बने MLC, बिहार विधान परिषद में सभापति ने दिलाई शपथ; पिता उपेंद्र कुशवाहा समेत NDA नेता रहे मौजूदRJD ने बिहार की सभी सांगठनिक इकाइयां की भंग, जल्द होगा पुनर्गठन दो हजार रूपये घूस लेने वाले हेडमास्टर को 3 साल की सजा और जुर्माना, विजिलेंस कोर्ट ने सुनाया फैसला

कपड़ा सिलाई करने वाले की बेटी बनी जिला श्रम कल्याण पदाधिकारी, शगुफ्ता फिरदौस ने बढ़ाया पूर्वी चंपारण का मान

पूर्वी चंपारण के हरसिद्धि प्रखंड की शगुफ्ता फिरदौस ने BPSC परीक्षा में 1340वीं रैंक हासिल कर जिला श्रम कल्याण पदाधिकारी का पद प्राप्त किया है। कपड़ा सिलाई करने वाले पिता की बेटी की इस सफलता से पूरे जिले में खुशी का माहौल है।

बिहार न्यूज
घर में खुशी का माहौल
© रिपोर्टर
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

EAST CHAMPARAN: कहते हैं कि मेहनत, लगन और मजबूत इरादों के सामने कठिन परिस्थितियां भी हार मान लेती हैं। इस कहावत को सच कर दिखाया है पूर्वी चंपारण जिले के हरसिद्धि प्रखंड के मुरारपुर पंचायत स्थित औरैया गांव की बेटी शगुफ्ता फिरदौस ने। सीमित संसाधनों और आर्थिक चुनौतियों के बीच पढ़ाई जारी रखते हुए शगुफ्ता ने बीपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल कर जिला श्रम कल्याण पदाधिकारी के पद पर चयनित होकर जिले का नाम रोशन किया है।


शगुफ्ता फिरदौस ने बीपीएससी परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 1340वीं रैंक हासिल की है। उनकी इस सफलता की खबर मिलते ही गांव सहित पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।


शगुफ्ता के पिता सेराजुल हक अंसारी नेपाल की राजधानी काठमांडू में कपड़ा सिलाई का कार्य करते हैं। इसी काम से वे अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने अपनी बेटियों की पढ़ाई में कभी कोई कमी नहीं आने दी।


सेराजुल हक अंसारी ने बताया कि उनकी दोनों बेटियों की शिक्षा परिवार की पहली प्राथमिकता रही है। बड़ी बेटी शगुफ्ता ने अपनी मेहनत और लगन के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। वहीं, उनकी दूसरी बेटी ने हाल ही में नीट की परीक्षा दी है और परिवार को उसके परिणाम का इंतजार है।


ग्रामीणों का कहना है कि शगुफ्ता फिरदौस की सफलता गांव की अन्य बेटियों और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत निरंतर जारी रहे, तो कठिन परिस्थितियां भी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकतीं। शगुफ्ता की इस उपलब्धि से न केवल उनका परिवार, बल्कि पूरा पूर्वी चंपारण जिला गौरवान्वित महसूस कर रहा है। उनकी सफलता की कहानी आने वाली पीढ़ियों को शिक्षा, संघर्ष और दृढ़ संकल्प का संदेश देती रहेगी।

कपड़ा सिलाई करने वाले की बेटी बनी जिला श्रम कल्याण पदाधिकारी, शगुफ्ता फिरदौस ने बढ़ाया पूर्वी चंपारण का मानकपड़ा सिलाई करने वाले की बेटी बनी जिला श्रम कल्याण पदाधिकारी, शगुफ्ता फिरदौस ने बढ़ाया पूर्वी चंपारण का मानकपड़ा सिलाई करने वाले की बेटी बनी जिला श्रम कल्याण पदाधिकारी, शगुफ्ता फिरदौस ने बढ़ाया पूर्वी चंपारण का मानकपड़ा सिलाई करने वाले की बेटी बनी जिला श्रम कल्याण पदाधिकारी, शगुफ्ता फिरदौस ने बढ़ाया पूर्वी चंपारण का मानकपड़ा सिलाई करने वाले की बेटी बनी जिला श्रम कल्याण पदाधिकारी, शगुफ्ता फिरदौस ने बढ़ाया पूर्वी चंपारण का मानकपड़ा सिलाई करने वाले की बेटी बनी जिला श्रम कल्याण पदाधिकारी, शगुफ्ता फिरदौस ने बढ़ाया पूर्वी चंपारण का मान

टैग्स