ब्रेकिंग
बंटी यादव हत्याकांड: तेजस्वी यादव ने परिवार को 5 लाख का चेक दिया, बच्चों की पढ़ाई और नौकरी में मदद का ऐलानमुजफ्फरपुर के पूर्व मेयर समीर कुमार डबल मर्डर केस में बड़ा फैसला, साक्ष्य के अभाव में 6 आरोपी बरीबिहार में शराबबंदी का हाल देखिये, दरभंगा में करोड़ों की विदेशी शराब जब्त ‘ढह गया है एजुकेशन सिस्टम’, झारखंड के JPSC-JSSC छात्र आंदोलन पर राहुल गांधी का बड़ा बयानजेन जी हमारी पीढ़ी से ज्यादा ईमानदार और देशभक्त, उन्हें चाहिए तार्किक जवाब, मोहन भागवत का बड़ा बयान..“Gen Z हमारे अपने लोग हैं”बंटी यादव हत्याकांड: तेजस्वी यादव ने परिवार को 5 लाख का चेक दिया, बच्चों की पढ़ाई और नौकरी में मदद का ऐलानमुजफ्फरपुर के पूर्व मेयर समीर कुमार डबल मर्डर केस में बड़ा फैसला, साक्ष्य के अभाव में 6 आरोपी बरीबिहार में शराबबंदी का हाल देखिये, दरभंगा में करोड़ों की विदेशी शराब जब्त ‘ढह गया है एजुकेशन सिस्टम’, झारखंड के JPSC-JSSC छात्र आंदोलन पर राहुल गांधी का बड़ा बयानजेन जी हमारी पीढ़ी से ज्यादा ईमानदार और देशभक्त, उन्हें चाहिए तार्किक जवाब, मोहन भागवत का बड़ा बयान..“Gen Z हमारे अपने लोग हैं”

कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती: नौकरी के साथ-साथ राजू ने की तैयारी, रेलवे कर्मचारी से बन गया DSP

रक्सौल रेलवे स्टेशन पर प्वाइंटमैन के पद पर कार्यरत राजू कुमार ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में पहले ही प्रयास में सफलता हासिल कर डिप्टी एसपी का पद प्राप्त किया है। बिना कोचिंग के दम पर मिली यह सफलता युवाओं के लिए प्रेरणा बनी है।

बिहार न्यूज
BPSC में पहले प्रयास में मिली सफलता
© रिपोर्टर
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

EAST CHAMPARAN: कहते हैं कि अगर इरादे मजबूत हों और मेहनत सच्ची हो, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती। इस बात को सच कर दिखाया है रक्सौल रेलवे स्टेशन पर प्वाइंटमैन के पद पर कार्यरत राजू कुमार ने। रेलवे की नौकरी, परिवार की जिम्मेदारियों और कठिन परिस्थितियों के बीच उन्होंने बिहार की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा बीपीएससी में सफलता हासिल कर डिप्टी एसपी का पद प्राप्त किया है।


बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा घोषित 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के अंतिम परिणाम में रक्सौल रेलवे स्टेशन पर तैनात प्वाइंटमैन राजू कुमार का चयन डिप्टी एसपी के पद पर हुआ है। बेगूसराय जिले के खोदावंदपुर थाना क्षेत्र के मलमला गांव निवासी स्वर्गीय राम कैलाश महतो और रेखा देवी के पुत्र राजू कुमार को यह सफलता पहले ही प्रयास में मिली है।


खास बात यह है कि राजू कुमार ने बीपीएससी की तैयारी के लिए किसी कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया। उन्होंने न तो किसी शिक्षक की ऑनलाइन क्लास की और न ही महंगी कोचिंग की। स्व-अध्ययन और इंटरनेट पर उपलब्ध अध्ययन सामग्री की मदद से उन्होंने यह सफलता हासिल की।


70वीं बीपीएससी परीक्षा का अंतिम परिणाम जारी होने के बाद भी राजू कुमार की सादगी बरकरार रही। रविवार को वे हमेशा की तरह रेलवे की वर्दी पहनकर अपनी ड्यूटी पर पहुंचे। उनकी इस उपलब्धि की चर्चा रक्सौल से लेकर समस्तीपुर रेल मंडल तक हो रही है।


राजू कुमार की सफलता पर मंडल रेल प्रबंधक सहित रेलवे के कई अधिकारियों और सहकर्मियों ने उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। राजू की संघर्ष और सफलता की यह कहानी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।

पूर्वी चंपारण से सोहराब आलम की रिपोर्ट

टैग्स