Bihar Crime News: बिहार के मोतिहारी से एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है, जहां घर से नाराज होकर निकली एक नाबालिग लड़की को युवक ने मदद का भरोसा देकर अपने जाल में फंसा लिया। आरोपी उसे बहला-फुसलाकर दिल्ली ले गया और वहां कमरे में बंद कर कई दिनों तक दुष्कर्म करता रहा। अब इस मामले में कोर्ट ने आरोपी को दोषी मानते हुए 20 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 80 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
यह मामला पूर्वी चंपारण जिले के मुफस्सिल लखौरा थाना क्षेत्र का है। सजा पाने वाले आरोपी की पहचान बहुरी गांव निवासी भूलन सहनी के रूप में हुई है। इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह पॉक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश मिथिलेश कुमार की अदालत में हुई। कोर्ट ने सभी पक्षों की सुनवाई और गवाहों के बयान के आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया।
जानकारी के अनुसार, पीड़िता के पिता ने साल 2022 में मुफस्सिल लखौरा थाना में बेटी के अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस को बताया था कि उनकी नाबालिग बेटी 29 मई 2022 की शाम घर से निकली थी, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटी। परिवार वालों ने आसपास काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला।
करीब पांच दिन बाद पीड़िता की बुआ के मोबाइल पर फोन आया। फोन करने वाले ने बताया कि लड़की दिल्ली के लाल किला इलाके में उसके कब्जे में है। इसके बाद परिवार वालों ने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपी की मां को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया।
बताया जा रहा है कि अपनी मां के पुलिस हिरासत में होने की जानकारी मिलते ही आरोपी घबरा गया। इसके बाद उसने लड़की को वापस बिहार लाकर लखौरा गांधी चौक पर छोड़ दिया। वहीं से पुलिस ने किशोरी को बरामद किया और उसे न्यायालय में पेश किया।
पीड़िता ने पुलिस और कोर्ट को दिए बयान में बताया कि वह घर में बहन से झगड़ा होने के बाद नाराज होकर निकल गई थी। रास्ते में उसकी मुलाकात भूलन सहनी से हुई। आरोपी ने पहले मदद करने का भरोसा दिया और फिर उसे अपने साथ ले गया। बाद में बहला-फुसलाकर दिल्ली पहुंचा दिया।
लड़की ने बताया कि दिल्ली में आरोपी ने उसे एक कमरे में बंद कर रखा था। जब भी वह बाहर जाता था तो कमरे में ताला लगा देता था। इसी दौरान वह लगातार उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। पीड़िता ने कहा कि आरोपी कई दिनों तक उसे डराता-धमकाता रहा और किसी से संपर्क भी नहीं करने देता था।
इस मामले की सुनवाई पॉक्सो कोर्ट में हुई, जहां विशेष लोक अभियोजक पुष्पा दुबे ने अदालत में नौ गवाह पेश किए। मेडिकल रिपोर्ट, पीड़िता के बयान और अन्य सबूतों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी पाया।
अदालत ने आरोपी भूलन सहनी को 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा उस पर 80 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। कोर्ट ने कहा कि यदि आरोपी जुर्माना नहीं भरता है तो उसे अतिरिक्त सजा भी काटनी होगी।





