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Bihar News : जहरीली शराब से 10 मौतें, अब गिरी गाज! बिहार में 14 अफसरों पर बड़ी कार्रवाई

मोतिहारी के रघुनाथपुर और तुरकौलिया में जहरीली शराब से 10 लोगों की मौत मामले में बिहार सरकार की बड़ी कार्रवाई। 14 मद्यनिषेध पुलिस पदाधिकारी निलंबित, जांच में कई गंभीर लापरवाहियां उजागर।

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Tejpratap
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Bihar News : बिहार में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी के रघुनाथपुर और तुरकौलिया इलाके में अप्रैल महीने में जहरीली शराब पीने से हुई 10 लोगों की मौत के मामले में मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने 14 मद्यनिषेध पुलिस पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया है। विभाग की ओर से शुक्रवार को जारी आदेश में तीन निरीक्षक, चार अवर निरीक्षक और सात सहायक अवर निरीक्षकों पर कार्रवाई की गई है।


निलंबित अधिकारियों में मोतिहारी सदर के उत्पाद निरीक्षक मनीष सर्राफ, चलिष्णु दल के मद्यनिषेध निरीक्षक मो. सेराज और सिकरहना सह सदर के मद्यनिषेध निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार शामिल हैं। इसके अलावा मद्यनिषेध अवर निरीक्षक उदय कुमार, मुकेश कुमार, नागेश कुमार और धर्मेंद्र झा को भी निलंबित किया गया है।


वहीं सहायक अवर निरीक्षक स्तर के जिन अधिकारियों पर गाज गिरी है उनमें अजय कुमार, धर्मेंद्र कुमार सिंह, रोशनी कुमारी, बसंत कुमार महतो, कबिन्द्र कुमार, रंजीत कुमार और शशि ऋषि के नाम शामिल हैं। विभागीय आदेश के अनुसार निलंबन अवधि के दौरान इन सभी का मुख्यालय ग्रुप सेंटर मद्यनिषेध भागलपुर निर्धारित किया गया है।


जानकारी के मुताबिक, मोतिहारी जहरीली शराब कांड के बाद विभाग की ओर से पूरे मामले की जांच कराई गई थी। दरभंगा प्रमंडल के मद्यनिषेध उपायुक्त की जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। जांच में कई गंभीर लापरवाहियां सामने आईं, जिसके बाद विभाग ने संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा था। हालांकि अधिकारियों द्वारा दिए गए जवाब को संतोषजनक नहीं माना गया और अंततः विभाग ने निलंबन की कार्रवाई कर दी।


जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि जनवरी से मार्च 2026 के बीच मोतिहारी मद्यनिषेध थाना क्षेत्र में स्पिरिट से जुड़ा एक भी मामला दर्ज नहीं किया गया था। इतना ही नहीं, सदर और मोतिहारी चलिष्णु दल की ओर से भी अवैध शराब कारोबार के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई थी। इससे यह स्पष्ट हुआ कि इलाके में अवैध शराब नेटवर्क के खिलाफ आसूचना संकलन और निगरानी व्यवस्था बेहद कमजोर थी।


स्थलीय जांच के दौरान यह भी पाया गया कि अवैध शराब माफिया के खिलाफ कार्रवाई करने में संबंधित अधिकारियों ने अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखाई। विभाग ने माना कि समय रहते सख्त कार्रवाई की जाती तो जहरीली शराब से हुई मौतों जैसी घटना को रोका जा सकता था।


गौरतलब है कि अप्रैल महीने में मोतिहारी के रघुनाथपुर और तुरकौलिया क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से 10 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद विपक्ष ने सरकार पर कानून व्यवस्था और शराबबंदी कानून को लेकर सवाल खड़े किए थे। वहीं सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए थे।


अब 14 अधिकारियों के निलंबन के बाद यह साफ संकेत दिया गया है कि शराबबंदी कानून को लागू करने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। विभाग की इस कार्रवाई को प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की दिशा में बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।