ब्रेकिंग
Bihar MLC Election 2026 : पटना MLC चुनाव में कुर्मी वोट का बड़ा खेल! नीरज की जीत क्यों बनी निशांत की प्रतिष्ठा का सवाल? अनंत सिंह की बगावत ने बढ़ाई सबकी टेंशन✦Bihar Navratri : महाकाली-महालक्ष्मी-महासरस्वती एक साथ विराजमान, बड़ी पटन देवी में नवरात्र की रातों का क्या है रहस्य?✦Bihar News: अनंत सिंह से भिड़े नीरज कुमार, अब गिनाने लगे बूथ के वोट; बोले- हमने तो JDU को जिताया!✦शारदीय नवरात्र आज से शुरू, गज पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा; 10 दिन होगी देवी की आराधना, जानें अष्टमी से दशमी तक का पूरा विधान✦Bihar News: बिहार के अफसर ध्यान दें! बैठक में गायब रहने से 7 दिन पहले देनी होगी सूचना, मुख्य सचिव की सख्त हिदायत✦Bihar MLC Election 2026 : पटना MLC चुनाव में कुर्मी वोट का बड़ा खेल! नीरज की जीत क्यों बनी निशांत की प्रतिष्ठा का सवाल? अनंत सिंह की बगावत ने बढ़ाई सबकी टेंशन✦Bihar Navratri : महाकाली-महालक्ष्मी-महासरस्वती एक साथ विराजमान, बड़ी पटन देवी में नवरात्र की रातों का क्या है रहस्य?✦Bihar News: अनंत सिंह से भिड़े नीरज कुमार, अब गिनाने लगे बूथ के वोट; बोले- हमने तो JDU को जिताया!✦शारदीय नवरात्र आज से शुरू, गज पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा; 10 दिन होगी देवी की आराधना, जानें अष्टमी से दशमी तक का पूरा विधान✦Bihar News: बिहार के अफसर ध्यान दें! बैठक में गायब रहने से 7 दिन पहले देनी होगी सूचना, मुख्य सचिव की सख्त हिदायत

शिक्षा में सुधार की नई पहल: सरकारी स्कूल को गोद लेंगे अधिकारी, खुद आकर बच्चों को पढ़ाएंगे अफसर, मोतिहारी DM ने की शुरुआत

निजी स्कूलों की फीस विवाद के बीच मोतिहारी में डीएम सौरभ जोरवाल ने सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता सुधारने के लिए नई पहल शुरू की, जिसमें अधिकारी स्कूल गोद लेकर निगरानी करेंगे।

बिहार न्यूज
टीचर की भूमिका में डीएम साहब
© रिपोर्टर
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

MOTIHARI:बिहार के विभिन्न जिलों में प्राइवेट स्कूलों द्वारा अवैध वसूली और महंगी किताबों को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में भी यह मुद्दा काफी तूल पकड़ चुका है। इसी बीच मोतिहारी के जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए एक अहम पहल की है।


इस नई व्यवस्था के तहत जिले के सभी अधिकारियों को सरकारी विद्यालय “गोद” दिया जाएगा। जिन अधिकारियों को जितने विद्यालय सौंपे जाएंगे, उन्हें महीने में दो-तीन बार उन स्कूलों का दौरा कर यह सुनिश्चित करना होगा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर माहौल मिल रहा है या नहीं।


सिर्फ निरीक्षण ही नहीं, बल्कि अधिकारियों को स्कूल में जाकर बच्चों की कक्षाएं भी लेनी होंगी और उनकी पढ़ाई का स्तर समझना होगा। साथ ही छात्रों की प्रगति रिपोर्ट का भी आकलन करना होगा। इस पहल की शुरुआत खुद जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने की। वे एक सरकारी विद्यालय पहुंचे और शिक्षकों की मौजूदगी में बच्चों को पढ़ाया, उनसे सवाल पूछे और उनके जवाब सुने। इसके आधार पर उन्होंने यह आकलन किया कि सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था में सुधार हो रहा है और अभिभावक अपने बच्चों को यहां पढ़ाने पर विचार कर सकते हैं।


जिलाधिकारी ने बताया कि सभी अधिकारियों को अलग-अलग विद्यालयों की जिम्मेदारी दी जाएगी, जहां वे पूरे वर्ष रोटेशन के आधार पर निरीक्षण करेंगे। वर्ष के अंत में हर अधिकारी को संबंधित विद्यालय की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी, जिसमें छात्रों के शैक्षणिक विकास का मूल्यांकन किया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाना और अभिभावकों का भरोसा मजबूत करना है, ताकि वे अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में भेजने के लिए प्रेरित हों।

मोतिहारी से सोहराब आलम की रिपोर्ट

टैग्स