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राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल 43वें दिन भी जारी, समर्थन में आये गोप गुट के लोग, बोले..मांगे नहीं पूरी हुई तो सड़क पर उतरेंगे

बिहार में एक महीने से जारी राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल के बीच मोतिहारी में जोरदार प्रदर्शन हुआ। कर्मचारियों ने सरकार से मांगें मानने की अपील की, नहीं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।

बिहार न्यूज
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

MOTIHARI: बिहार में पिछले करीब एक महीने से सभी अंचलों के राजस्व कर्मचारी हड़ताल पर हैं, जिसके कारण अंचल कार्यालयों का कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है। इस बीच न तो सरकार झुकने को तैयार है और न ही कर्मचारी अपनी मांगों से पीछे हट रहे हैं।


इसी कड़ी में आज मोतिहारी के कचहरी चौक पर राजस्व कर्मचारी संघ के बैनर तले कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन और नारेबाजी की। इस आंदोलन को बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ (गोपगुट) का भी समर्थन मिला।


धरना का नेतृत्व कर रहे राजस्व कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष नितेश कुमार ने बताया कि हड़ताल के कारण अंचल का सारा काम ठप पड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी चाहते हैं कि सरकार उनकी मांगों को जल्द से जल्द मान ले, ताकि वे फिर से आम जनता के कार्यों को सुचारू रूप से कर सकें।


उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार बातचीत करने के बजाय कार्रवाई करने में जुटी हुई है, जो उचित नहीं है। वही इस आंदोलन के समर्थन में उतरे कर्मचारी महासंघ (गोपगुट) के जिला सचिव अनुराग कुमार ने कहा कि अगर सरकार कर्मचारियों की मांगों को नहीं मानती है, तो संगठन सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगा।


धरना पर बैठे कर्मचारियों का कहना है कि कार्यालय परिचारी का ग्रेड पे 1800 है और हमारा ग्रेड पे 1900 है। यह कितना हास्यास्पद है। सरकार के साथ जो समझौता हुआ उसे लागू कराने के लिए धरना पर बैठना पड़ा। मांग पूरी नहीं तो हम एक बार फिर रोड पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। 17 सूत्री मांगों को लेकर 11 फरवरी से धरना चल रहा है। हमसे वार्ता कर इस आंदोलन को खत्म किया जाए और हमारी मांगों पर विचार किया जाए। हमारी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो मजबूरन हमें अपने आंदोलन को तेज करना पड़ेगा। 

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