ब्रेकिंग
भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर के विरोध में जन सुराज का कैंडल मार्च, दोषी अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांगअमोनिया गैस रिसाव से बड़ा हादसा: सीफूड फैक्ट्री में 7 मजदूरों की मौत, 10 से अधिक की हालत गंभीरजेडीयू की बैठक में निशांत कुमार की बढ़ी भूमिका, नेताओं ने बताया पार्टी का भविष्यपटना में करोड़ों की ठगी का खुलासा: शातिर पति-पत्नी ने 27 पुलिसकर्मियों से ठग लिए 6 करोड़, फर्जी फाइनेंस कंपनी खोलकर लगाया चूनादो युवकों की मौत पर सदर अस्पताल में बवाल, हॉस्पिटल मैनेजर की पिटाई; परिजनों का आरोप- जिंदा लाए थे, इलाज नहीं मिलाभरत भूषण तिवारी एनकाउंटर के विरोध में जन सुराज का कैंडल मार्च, दोषी अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांगअमोनिया गैस रिसाव से बड़ा हादसा: सीफूड फैक्ट्री में 7 मजदूरों की मौत, 10 से अधिक की हालत गंभीरजेडीयू की बैठक में निशांत कुमार की बढ़ी भूमिका, नेताओं ने बताया पार्टी का भविष्यपटना में करोड़ों की ठगी का खुलासा: शातिर पति-पत्नी ने 27 पुलिसकर्मियों से ठग लिए 6 करोड़, फर्जी फाइनेंस कंपनी खोलकर लगाया चूनादो युवकों की मौत पर सदर अस्पताल में बवाल, हॉस्पिटल मैनेजर की पिटाई; परिजनों का आरोप- जिंदा लाए थे, इलाज नहीं मिला

बेटे की मौत का गम नहीं सह पायीं किशनगंज थानाध्यक्ष की मां, सदमे में गई जान.. आज मां-बेटे की अंत्येष्टि साथ

PURNIA : पश्चिम बंगाल में मॉब लिंचिंग से किशनगंज के थानाध्यक्ष अश्विनी कुमार की मौत का गम उनकी मां नहीं सह पाई हैं। दिवंगत थानाध्यक्ष अश्विनी कुमार की मां का निधन हो गया है। आ

बेटे की मौत का गम नहीं सह पायीं किशनगंज थानाध्यक्ष की मां, सदमे में गई जान.. आज मां-बेटे की अंत्येष्टि साथ
Santosh Singh
2 मिनट

PURNIA : पश्चिम बंगाल में मॉब लिंचिंग से किशनगंज के थानाध्यक्ष अश्विनी कुमार की मौत का गम उनकी मां नहीं सह पाई हैं। दिवंगत थानाध्यक्ष अश्विनी कुमार की मां का निधन हो गया है। आज सुबह उनकी मां ने अंतिम सांस ली। बेटे की मौत का गम उनकी मां बर्दाश्त नहीं कर पाई और आज उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। 


अश्विनी कुमार का पैतृक घर पूर्णिया के जानकीनगर थाना इलाके में है। उनकी माता का आज सुबह निधन हो गया। अपने बेटे की मौत की खबर सुनने के बाद लगातार वह बेसुध पड़ी हुई थीं। इससे बड़ी त्रासदी और कोई नहीं हो सकती कि मां-बेटे दोनों का अंतिम संस्कार आज एक साथ किया जाएगा। अश्विनी कुमार की मां उर्मिला देवी 70 वर्ष की बुजुर्ग थी. रविवार की सुबह जैसे ही उन्होंने अपने बेटे के शहीद होने की खबर सुनी वो यह सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाई और उनका निधन हो गया. उर्मिला देवी पहले से ही हर्ट की मरीज थी.



परिजन उनको बेटे की मौत की सूचना नहीं दे रहे थे लेकिन जैसे ही उन्हें यह सूचना मिली कि वह सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाई. अब एक ही घर से शहीद और उनके मां दोनों की अर्थी एक साथ निकलने वाली है. आज यानी रविवार को करीब 2 बजे गांव में ही दोनों का अंतिम संस्कार होगा. इस घटना की सूचना मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई है. हर कोई शहीद दरोगा के बहादुरी कर्तव्यनिष्ठा और इमानदारी की प्रशंसा कर रहे हैं 





टैग्स