2 करोड़ से अधिक कैश मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने की कार्रवाई, बेतिया के DEO रजनीकांत प्रवीण को किया सस्पेंड

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Thu, 23 Jan 2025 04:15:36 PM IST

BIHAR POLICE

घूसखोर पर कार्रवाई - फ़ोटो GOOGLE

bettiah news: बेतिया के DEO रजनीकांत प्रवीण को शिक्षा विभाग ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विशेष निगरानी इकाई की छापेमारी के बाद शिक्षा विभाग ने यह फैसला लिया। गुरुवार की सुबह से ही DEO रजनीकांत प्रवीण के कई ठिकानों पर एक साथ विजिलेंस की टीम ने छापेमारी की। 


छापेमारी के दौरान दो करोड़ से अधिक कैश एवं अचल संपत्ति बरामद किया गया। आय से अधिक संपत्ति, गंभीर भ्रष्टाचार एवं घोर कदाचार के इस मामले के आरोपी डीईओ रजनीकांत प्रवीण को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान प्रवीण का मुख्यालय क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक, पूर्णिया प्रमंडल निर्धारित किया गया है। 


निलंबन अवधि में इन्हें जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा जिसका भुगतान इनके निर्धारित मुख्यालय से किया जायेगा। प्रवीण के खिलाफ बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के प्रावधानों के अंतर्गत विभागीय कार्यवाही अलग से प्रारंभ की जाएगी।


बता दें कि विशेष निगरानी इकाई ने आज 23 जनवरी को पश्चिमी चंपारण (बेतिया) के जिला शिक्षा पदाधिकारी रजनी कांत प्रवीण के ठिकानों पर छापेमारी की। रेड में नोटों का ढेर मिला। डीईओ की करोड़ी की अवैध संपत्ति का पता चला है। विशेष निगरानी इकाई ने बेतिया के जिला शिक्षा पदाधिकारी रजनीकांत प्रवीण के खिलाफ डीए केस दर्ज कर चार ठिकानों पर छापेमारी की। एसवीयू को खबर मिली थी कि बेतिया के जिला शिक्षा अधिकारी रजनीकांत प्रवीण 2005 से अब तक की अवधि के दौरान अवैध रूप से भारी चल और अचल संपत्ति अर्जित की है, जो आय से लगभग 1,87,23,625/ रू अधिक है. 


रजनी कांत प्रवीण बिहार शिक्षा सेवा के 45वीं बैच के अधिकारी हैं। वह वर्ष 2005 में सेवा में शामिल हुए और दरभंगा, समस्तीपुर और बिहार के अन्य जिलों में शिक्षा अधिकारी के रूप में काम किया। उनकी कुल सेवा अवधि लगभग 19-20 वर्ष है। रजनी कांत प्रवीण की पत्नी सुषमा कुमारी एक संविदा शिक्षिका थीं, जिन्होंने अपनी सेवा छोड़ दी थी और वर्तमान में ओपन माइंड बिड़ला स्कूल, दरभंगा के निदेशक/वास्तविक मालिक के रूप में कार्य कर रही हैं और रजनी कांत प्रवीण के अवैध रूप से अर्जित धन के वित्तीय समर्थन/निवेश के साथ इस संस्थान को चला रही हैं।