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11 साल में पहली बार नरेंद्र मोदी सरकार को जोरदार झटका, संसद से बिल पास नहीं करा सकी

Women Reservation Bill: लोकसभा में महिला आरक्षण बिल को दो-तिहाई बहुमत नहीं मिलने से पारित नहीं किया जा सका, 298 वोट समर्थन में और 230 विपक्ष में पड़े। इसे नरेंद्र मोदी सरकार के लिए अबतक का बड़ा झटका माना जा रहा है।

Women Reservation Bill
केंद्र सरकार को बड़ा झटका
© sansad tv
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Women Reservation Bill: संसद के तीन दिवसीय विशेष सत्र के दूसरे दिन शुक्रवार शाम को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संबोधन के बाद लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक (संविधान 131वां संशोधन विधेयक, 2026) पर वोटिंग कराई गई। इस दौरान सरकार को आवश्यक समर्थन नहीं मिल सका और बिल पारित नहीं हो पाया।


कुल 528 वोटों में विधेयक के पक्ष में 298 और विपक्ष में 230 वोट पड़े। हालांकि, संविधान संशोधन के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत का आंकड़ा हासिल नहीं हो सका, जिसके चलते यह विधेयक पारित नहीं हो पाया। इस परिणाम के बाद सवाल उठ रहे हैं कि बहुमत से अधिक समर्थन मिलने के बावजूद बिल क्यों असफल हो गया। इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि विपक्ष ने सहयोग नहीं किया और देश की महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने का प्रयास जारी रहेगा।


यह पहली बार है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार किसी संविधान संशोधन विधेयक को लोकसभा में पारित नहीं करा सकी है। हालांकि, इसका कारण साधारण बहुमत नहीं बल्कि संविधान द्वारा निर्धारित विशेष बहुमत की शर्त है।


सरकार का उद्देश्य इस विधेयक के जरिए महिलाओं को संसद में 33 प्रतिशत आरक्षण देना था। साथ ही भविष्य में सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 तक करने की भी योजना बताई गई थी। विपक्षी दलों ने इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए इसे संघीय ढांचे और परिसीमन से जुड़ी चिंताओं से जोड़ा।


बता दें कि संविधान के अनुच्छेद 368 के तहत किसी भी संशोधन के लिए दोनों सदनों में विशेष बहुमत आवश्यक होता है। इसके लिए सदन की कुल सदस्य संख्या का बहुमत और उपस्थित सदस्यों के दो-तिहाई समर्थन की आवश्यकता होती है। इसके अलावा, कुछ मामलों में राज्य विधानसभाओं की पुष्टि और राष्ट्रपति की मंजूरी भी जरूरी होती है।

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता