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Bihar Daroga Exam 2026 : दारोगा परीक्षा में धांधली का खुलासा! सिर्फ 6 मिनट में पेपर की फोटो बाहर, केस डायरी में सामने आई पूरी कहानी

SEO के लिए नोट: उपलब्ध हालिया रिपोर्टों में EOU द्वारा पूर्णिया और गया मामलों की जांच अपने हाथ में लेने तथा प्रश्नपत्र की तस्वीरों की सत्यता की जांच की पुष्टि हुई है। BPSSC का पक्ष यह रहा है कि संबंधित केंद्रों पर अप्रयुक्त प्रश्नपत्र की तस्वीर परीक्

Daroga Exam
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© AI
Tejpratap
Tejpratap
5 मिनट

Bihar Daroga Exam 2026 : बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग की दारोगा मुख्य परीक्षा में प्रश्नपत्र की तस्वीर बाहर भेजे जाने के मामले में जांच के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित रिपोर्ट और उपलब्ध केस डायरी से सामने आए तथ्यों के अनुसार, पूर्णिया साइबर थाने में दर्ज मामले की जांच में परीक्षा केंद्र के भीतर हुई गतिविधियों का मिनट-दर-मिनट ब्योरा सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, परीक्षा के दौरान वीक्षक ने प्रश्नपत्र की तस्वीर खींचकर बाहर भेजी थी।


छह मिनट में सामने आया पूरा खेल

रिपोर्ट के अनुसार, परीक्षा के दौरान दोपहर करीब 2:44 बजे से 2:50 बजे के बीच प्रश्नपत्र की तस्वीरें बाहर भेजी गईं। बताया गया है कि परीक्षा केंद्र के एक कमरे में तैनात वीक्षक मृत्युंजय कुमार ने अनुपस्थित अभ्यर्थियों के अप्रयुक्त प्रश्नपत्रों की तस्वीरें अपने मोबाइल फोन से खींचीं। केस डायरी में दर्ज जानकारी के मुताबिक, परीक्षा कक्ष में दो बुकलेट बिना सील किए रखे गए थे। मृत्युंजय कुमार ने कथित तौर पर इन प्रश्नपत्रों की तस्वीरें अपने मोबाइल से लीं। इसके बाद उसने अपने रिश्तेदार पप्पू कुमार को व्हाट्सऐप के जरिए तस्वीरें भेज दीं। मामले की जांच में यह भी सामने आया कि दोनों प्रश्नपत्रों के बुकलेट नंबर की पहचान की गई। रिपोर्ट में 22532773 और 22532780 नंबर वाले बुकलेट का उल्लेख किया गया है। जांच एजेंसियों ने इन दोनों बुकलेट को महत्वपूर्ण साक्ष्य माना है।


साथियों से सील कराने की बात, फिर बाहर भेजीं तस्वीरें

अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, घटनाक्रम के दौरान मृत्युंजय कुमार ने अपने साथियों से दोनों बुकलेट को सील कराने की बात कही थी। इसके बाद जब वह कमरे से बाहर गया तो कथित तौर पर प्रश्नपत्र की तस्वीरें अपने मोबाइल में खींचीं।रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि बाद में उसने तस्वीरें अपने रिश्तेदार पप्पू कुमार को व्हाट्सऐप पर भेज दीं। पुलिस जांच के दौरान मोबाइल फोन और उसमें मौजूद डिजिटल साक्ष्यों को भी अहम माना गया।


पत्नी के मोबाइल से भी तस्वीरें भेजे जाने का उल्लेख

केस डायरी में एक अन्य घटनाक्रम का भी जिक्र है। रिपोर्ट के अनुसार, पप्पू कुमार ने अपनी पत्नी के मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए प्रश्नपत्र की तस्वीरें आगे भेजीं। जांच के दौरान पुलिस ने मोबाइल से संबंधित डिजिटल गतिविधियों की पड़ताल की। पूरे मामले में पुलिस ने मोबाइल फोन, व्हाट्सऐप चैट और प्रश्नपत्र की तस्वीरों को जांच का हिस्सा बनाया। यही डिजिटल साक्ष्य यह पता लगाने में महत्वपूर्ण रहे कि परीक्षा केंद्र से तस्वीरें बाहर जाने के बाद किन लोगों तक पहुंचीं।


पुलिस कार्रवाई और मामला दर्ज

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने संबंधित आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, वीक्षक मृत्युंजय कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। बाद में शिक्षा विभाग की ओर से भी उसके खिलाफ कार्रवाई की गई। पुलिस ने मामले में बिहार लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की है। केस को आगे की जांच के लिए आर्थिक अपराध इकाई यानी EOU को भी सौंपे जाने की जानकारी सामने आई है।


मुख्य आरोपी अब भी फरार

रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे मामले में पप्पू कुमार की भूमिका भी जांच के दायरे में है। बताया गया है कि वह फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि बाढ़ की स्थिति के कारण पुलिस उसके घर तक नहीं पहुंच सकी, जिससे उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।


इस मामले ने दारोगा भर्ती परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था और परीक्षा केंद्रों पर लागू मोबाइल प्रतिबंध को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, जांच एजेंसियां पूरे मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट में सामने आए केस डायरी के विवरण से यह स्पष्ट होता है कि प्रश्नपत्र की तस्वीर बाहर जाने की घटना को लेकर जांच में डिजिटल साक्ष्यों और परीक्षा केंद्र की गतिविधियों को अहम आधार बनाया गया है।