ब्रेकिंग
बिहार के दो IAS अधिकारी केंद्र में तैनात, बंदना प्रेयषी और अनुपम कुमार दिल्ली के लिए रिलीवसहरसा में महिला ने 5 बच्चों संग खाया जहर, दो की हालत गंभीरBihar Satellite Township: लैंड पूलिंग से जमीन की कीमत 10 गुना बढेगी, पुनपुन में 20 गुना बढ़ोतरी का दावासम्राट चौधरी के बुलडोजर एक्शन पर VIP ने बोला हमला, कहा..अतिक्रमण हटाने के नाम पर दबंगई छोड़े सरकारBihar Satellite Township: चिंता मत करिए...आपके जमीन की कीमत 10 गुणा बढ़ने वाली है, सरकार ने बताया- कैसे डेवलपट होगा टाउनशिप, क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी...बिहार के दो IAS अधिकारी केंद्र में तैनात, बंदना प्रेयषी और अनुपम कुमार दिल्ली के लिए रिलीवसहरसा में महिला ने 5 बच्चों संग खाया जहर, दो की हालत गंभीरBihar Satellite Township: लैंड पूलिंग से जमीन की कीमत 10 गुना बढेगी, पुनपुन में 20 गुना बढ़ोतरी का दावासम्राट चौधरी के बुलडोजर एक्शन पर VIP ने बोला हमला, कहा..अतिक्रमण हटाने के नाम पर दबंगई छोड़े सरकारBihar Satellite Township: चिंता मत करिए...आपके जमीन की कीमत 10 गुणा बढ़ने वाली है, सरकार ने बताया- कैसे डेवलपट होगा टाउनशिप, क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी...

Bihar Satellite Township: लैंड पूलिंग से जमीन की कीमत 10 गुना बढेगी, पुनपुन में 20 गुना बढ़ोतरी का दावा

बिहार सरकार 11 सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करेगी। जमीन देने वाले किसानों को बाजार दर का 4 गुना मुआवजा या 55% विकसित प्लॉट मिलेगा। योजना से जमीन की कीमत 10 से 20 गुना बढ़ने का दावा।

बिहार न्यूज
पाटलिपुत्र सैंटेलाइट टाउनशिप
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
6 मिनट

Bihar Satellite Township: बिहार में 11 सैटेलाइट सिटी विकसित किये जाएंगे। पाटलिपुत्र सैंटेलाइट टाउनशिप बनाये जाएंगे। इस परियोजना के लिए जमीन की जरूरत होगी। जमीन के अधिग्रहण को लेकर सरकार ने स्थिति स्पष्ट की है। यदि किसी किसान की जमीन इस परियोजना में जाती है तो उन्हें बाजार दर का चार गुना मुआवजा मिलेगा। या फिर 55 प्रतिशत विकसित जमीन वापस दी जाएगी। जो जमीन दी जाएगी उसमें सड़क, बिजली और ड्रेनेज जैसी सुविधाएं होंगी।


नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने सोमवार को प्रेसवार्ता में बताया कि इन टाउनशिप के लिए जमीन अधिग्रहण पारदर्शी तरीके से किया जाएगा और किसानों के हितों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। मुआवजे को लेकर यह क्लीयर किया गया कि किसानों को जमीन के बदले बाजार दर का चार गुना तक मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जब हम लैंड पुलिंग करेंगे तो एक जमीन की कीमत कम से कम 10 गुणा बढ़ जाएगी। पुनपुन में जो सैंटेलाइट सिटी बनेगा उसकी जमीन की कीमत में 20 गुणा इजाफा होगा। किसी को भी भूमिहीन हम नहीं होने देंगे। 22 फीसदी जमीन रोड के लिए जाएगी। पूरी व्यवस्था पारदर्शी रहेगी। हर एक स्कीम लोगों के सामने लाई जाएगी, ताकि किसी तरह का कंफ्यूजन ना हो। लैंड पुलिंग स्कीम अलग-अलग इलाके में आएगी मार्केट वैल्यू के साथ रहेगी ताकि किसी के साथ नाइंसाफी ना हो। टीडीआर 4 गुणा सुनिश्चित की जाएगी। 


उन्होंने बताया किसानों की कुल जमीन का करीब 55 प्रतिशत हिस्सा डेवलप करके वापस दिया जाएगा। जो शहर बसेगा वहां पार्क, प्ले ग्राउंड, कम्युनिटी सेंटर, हॉस्पिटल, स्कूल, पूजा और उपासना के स्थल, सड़क, ड्रेनेज और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं मौजूद रहेगी। प्रधान सचिव ने बताया कि सभी सैटेलाइट टाउन मुख्य शहरों से करीब आधे घंटे की दूरी पर विकसित किए जाएंगे, ताकि कनेक्टिविटी बेहतर रहे और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके. हर टाउनशिप में निवेश आकर्षित करने और रोजगार के अवसर पैदा करने पर जोर दिया जाएगा. स्थानीय लोगों, खासकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 5 प्रतिशत जमीन आरक्षित रखने का भी प्रावधान किया गया है।


उन्होंने बताया कि जमीन अधिग्रहण लैंड पूलिंग मॉडल पर होगा और किसी भी किसान को भूमिहीन नहीं होने दिया जाएगा। परियोजना शुरू करने से पहले किसानों की सहमति ली जाएगी और किसी तरह की शिकायत के समाधान के लिए ट्रिब्यूनल का गठन किया जाएगा।  सरकार इस साल अक्टूबर-नवंबर तक इन सैटेलाइट टाउनशिप का ड्राफ्ट प्लान जारी करेगी. इसके साथ ही बिहार के 43 शहरों के लिए मास्टर प्लान तैयार करने का काम भी तेजी से चल रहा है. सरकार का कहना है कि यह पूरी योजना पारदर्शिता के साथ लागू की जाएगी, जिससे राज्य में योजनाबद्ध शहरीकरण को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।


विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने स्पष्ट किया कि किसी से जमीन जबरन नहीं ली जाएगी, बल्कि लैंड पूलिंग मॉडल के तहत 55% विकसित जमीन वापस दी जाएगी। इस योजना से जमीन की कीमत 10 गुना तक बढ़ने का दावा किया गया है। उन्होंने बताया कि बिहार में 11 जगहों पर सेटेलाइट टाउनशिप बसाने के लिए जमीन की खरीद बिक्री पर 30 जून 2027 तक रोक लगाई गयी है। टाउनशिप प्लांड बनने हैं, एक मुख्य आर्थिक गतिविधियां होगी। उस क्षेत्र के लोगों के रोजगार बढ़ेंगे। प्रति व्यक्ति आय में भी वृद्धि होगी. हम इस यात्रा में किसी को छोड़ नहीं रहे हैं। जिनकी जमीन टाउनशिप में आ रही है, उन्हें भूमिहीन नहीं होने दिया जाएगा। सबसे पहले मैप के साथ प्रारूप प्रकाशित की जाएगी। जिसमें आपत्तियां और सहमति भी मांगते हैं। 


किसान जब अपनी जमीन देंगे तब डेवलप करके 55 फीसदी जमीन वापस देंगे। हर एक प्लाट के साथ सड़क ड्रेनेज सिवरेज और बिजली के कनेक्शन अनिवार्य रूप से दिये जाएगे। साथ ही डेवलप प्लाट उसका 55 प्रतिशत उन्ही जमीन वाले को लौटाया जाएगा जिनकी जमीन ली जाएगी। हम जब टाउनशिप बसा रहे हैं तब जमीन कीमत कम से कम दस गुणा से ज्यादा होगी। यदि आज किसी की जमीन एक लाख रुपये की है तो अधिग्रहण करने पर चार गुणा रेट यानि 4 लाख देंगे। किसी को भी हम भूमिहीन नहीं होने देंगे। किसान को शेयर होल्डर बनाएंगे। हर प्लाट रेगुलर साइज में होगा। जो शहर बसेगा वहां पार्क, प्ले ग्राउंड, कम्युनिटी सेंटर, हॉस्पिटल, स्कूल, पूजा और उपासना के स्थल रहेंगे।  


जिन इलाकों को सैटेलाइट टाउन के लिए चिन्हित किया गया है, वहां मार्च 2027 तक सीमित दायरे में जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगाई गई है। हालांकि यह रोक पूरे इलाके में नहीं, बल्कि हर टाउनशिप के आसपास 10-11 गांवों तक सीमित है। इस पर स्थिति स्पष्ट करते हुए विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार के कहा कि यह किसानों के हित में है. अब कोई औने-पौने दाम पर आपकी जमीन को नहीं खऱीद सकता है. इस योजना की शुरुआत अक्टूबर से नवंबर तक हो जाने की संभावना है .

इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Jitendra Vidyarthi

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

संबंधित खबरें